देहरादून में सनसनी/तंत्र-मंत्र के नाम पर करोड़ों की ठगी, 65 तोला सोना हुआ गायब, संदूक से निकले चावल और नारियल, महिला ने मंदिर के पुजारी पर लगाया करोड़ों की ठगी का आरोप…
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से आस्था, अंधविश्वास और कथित ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सेलाकुई क्षेत्र की एक महिला ने वैष्णो माता मंदिर के महंत राहुल थापा पर तंत्र-मंत्र और विशेष पूजा के नाम पर करीब 65 तोला सोने के आभूषण हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
पीड़िता ओशीन गुरुंग के अनुसार, 2 मार्च 2026 की सुबह मंदिर के महंत राहुल थापा ने फोन कर बताया कि उनके घर पर किसी ने बुरा टोना-टोटका किया है। महिला ने जब घर के बाहर जांच की तो गेट के अंदर एक संदिग्ध पोटली मिली, जिसमें उड़द की दाल, नींबू, लौंग और अन्य सामग्री रखी हुई थी।
महिला का आरोप है कि इसके बाद पुजारी ने अनिष्ट टालने के लिए विशेष पूजा कराने की सलाह दी और उसी शाम अपने ड्राइवर के साथ उनके घर पहुंच गया।
शिकायत के मुताबिक पूजा-पाठ के दौरान परिवार को बड़े नुकसान और अनहोनी का भय दिखाया गया। इसी दौरान घर में मौजूद सभी सोने के आभूषण एक लाल कपड़े में रखने को कहा गया। आरोप है कि पुजारी ने स्वयं गहनों को एकत्र कर पोटली में बांधा और उसे एक संदूक में रखवाकर घर के मंदिर में स्थापित कराया।
इतना ही नहीं, कथित तौर पर यह भी कहा गया कि 62 दिनों तक संदूक को किसी भी हालत में नहीं खोलना है, अन्यथा पूजा का पूरा प्रभाव खत्म हो जाएगा।
जब तय समय पूरा होने के बाद परिवार ने संदूक खोला तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। महिला का आरोप है कि संदूक में रखे करीब 65 तोला सोने के सभी आभूषण गायब थे।
हैरानी की बात यह रही कि गहनों की जगह लाल कपड़े में केवल आधा किलो चावल और तीन सूखे नारियल मिले। यह देखकर परिवार स्तब्ध रह गया।
घटना के बाद पीड़िता ने सेलाकुई थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जा रही है।
वहीं पीड़ित परिवार ने आरोपी पुजारी की जल्द गिरफ्तारी और गायब हुए आभूषणों की बरामदगी की मांग की है।
इस सनसनीखेज मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। घटना ने एक बार फिर तंत्र-मंत्र, अंधविश्वास और धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर लोगों को ठगने वाले मामलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है।
