हल्द्वानी में शिव कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, 108 थाली ज्योति प्रज्ज्वलित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना…

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एम.बी. इंटर कॉलेज मैदान, हल्द्वानी परिसर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित पावन शिव कथा में सहभागिता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहज ज्योति पूजन में सम्मिलित होकर 108 थाली ज्योति का प्रज्ज्वलन किया तथा प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने शिव कथा का श्रवण करते हुए उपस्थित शिवभक्तों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से आयोजित इस दिव्य शिव कथा में सहभागी बनना उनके लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का विषय है। महादेव के श्रीचरणों में शीश नवाने का अवसर आत्मिक अनुभूति से परिपूर्ण करने वाला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान समाज में सकारात्मक चेतना के विस्तार हेतु उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने संस्थान के संस्थापक, दिव्य गुरु परम पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि उनकी आध्यात्मिक साधना और कृपा ने असंख्य लोगों को धर्म, सेवा, करुणा और सदाचार के मार्ग पर प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा कि संपूर्ण कुमाऊँ अंचल सदियों से धर्म, अध्यात्म और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र रहा है। यह भूमि तप, साधना और शिवभक्ति की अक्षुण्ण परंपरा को आज भी जीवंत बनाए हुए है। हमारे प्राचीन ग्रंथों, पुराणों और ऐतिहासिक संदर्भों में यहां के शिवालयों, मंदिरों और पवित्र जल स्रोतों का उल्लेख मिलता है, जो इस क्षेत्र की सनातन एवं शैव परंपरा की सुदृढ़ विरासत को प्रमाणित करता है। ऐसे पुण्य स्थल पर शिव कथा का आयोजन इसे और अधिक दिव्यता प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति आज वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रही है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि मानसखंड मंदिर माला मिशन कॉरिडोर के माध्यम से कुमाऊँ क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों को नई पहचान दी जा रही है। इसके अंतर्गत शिवालयों एवं धार्मिक स्थलों का पुनर्निर्माण, सौंदर्यीकरण और विकास कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। साथ ही हरिपुर-कालसी में यमुना तीर्थ का पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के माध्यम से उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” की स्थापना की गई है। इसके साथ ही आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडलों में एक-एक “स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन” की स्थापना की दिशा में भी कार्य प्रगति पर है।
इस अवसर पर विधायक कालाढुंगी श्री बंशीधर भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, मण्डलायुक्त श्री दीपक रावत, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री मंजूनाथ टी.सी., संस्थान के पदाधिकारी, शिवभक्तगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
