विकास भी, विरासत भी” की दिशा में बड़ा कदम: देहरादून में 2.32 करोड़ से जुगमन्दर हॉल का कायाकल्प…

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नगर निगम देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शहर के सांस्कृतिक और शहरी विकास को नई गति देते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने 2 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये की लागत से जुगमन्दर हॉल के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण किया, जो शहर की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर केदारपुरम स्थित एबीसी सेंटर में कैनाल निर्माण के साथ ही नगर निगम क्षेत्र के 6 स्थानों पर पार्कों के विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास भी किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे शहरी विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को सहेजना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना, स्मार्ट सिटी मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी पहलें देश के शहरी ढांचे को आधुनिक और व्यवस्थित बना रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून को आधुनिक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर बनाने के लिए 1400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। शहर में ठोस कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन स्थापित किए गए हैं, वहीं कूड़ा वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी बनाया गया है।
हरित विकास को बढ़ावा देते हुए शहर में 35 पार्कों का निर्माण कराया गया है और केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित सबसे बड़ा पार्क विकसित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण के तहत 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन और 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि देहरादून ने नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देशभर में 19वां स्थान हासिल किया है। साथ ही, जल्द ही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से आवागमन और अधिक सुगम होगा।
ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों पर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना भी तैयार की जा रही है। नगर निगम के कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्व संग्रहण में 40% की वृद्धि हुई है और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों की संख्या भी 200 से बढ़कर 300 हो गई है।
अंत में मुख्यमंत्री ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए नागरिकों से अपील की कि वे देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
