बिग ब्रेकिंग–उत्तराखण्ड को विकास की नई सौगात: दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण…

देहरादून–प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड में 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और बिहू की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जल्द ही चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है और यह नया कॉरिडोर यात्रियों के लिए यात्रा को आसान और तेज बनाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अब अपने स्थापना के 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और “डबल इंजन सरकार” के प्रयासों से राज्य तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह दशक उत्तराखण्ड के नाम होगा।
इस अवसर पर उन्होंने संविधान निर्माता B. R. Ambedkar को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और कहा कि सरकार के फैसले संविधान की भावना को मजबूत करने वाले हैं। उन्होंने धारा 370 हटाने और समान नागरिक संहिता जैसे कदमों का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में सड़कें विकास की “भाग्य रेखाएं” बन रही हैं। पिछले वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है, जिससे उत्तराखण्ड सहित पूरे देश में तेजी से विकास हो रहा है।
दिल्ली–देहरादून कॉरिडोर के फायदे बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक जल्दी पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने उत्तराखण्ड में बढ़ते पर्यटन का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य अब “बारामासी पर्यटन” की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि इस परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि देवभूमि की स्वच्छता बनाए रखें और प्लास्टिक व कूड़ा-कचरा फैलाने से बचें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर उत्तराखण्ड हम सभी की जिम्मेदारी है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण, सैनिकों के सम्मान और देश के समग्र विकास की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
यह कॉरिडोर उत्तराखण्ड और देश के विकास को नई गति देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
