बनभूलपुरा–सरकारी जमीन को खरीदा स्टांप पर और अब धौंस दिखा रहें जमींदारों वाली….

0
whatsapp-image-2024-02-08-at-20.16.57_92a8ad0b
खबर शेयर करें -

मलिक का बगीचा में नगर निगम और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान यहां रहने वाले लोग जमीन और मकान के मालिकाने हक का कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए।

जमीनों के अवैध कब्जेदारों ने इनको लाखों रुपये में जमीन बेची और अब जब प्रशासन अतिक्रमण हटा रहा है तो अवैध कब्जेदार जमींदारों की तरह धौंस दिखा रहे हैं।

यह भी पढ़ें:  चारधाम यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि: मुख्यमंत्री धामी ने ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप का किया औचक निरीक्षण, दिए अहम निर्देश...

रुपयों की कमाई की गई है। अब परेशान वे लोग हैं, जिन्होंने उन खरीदी गई जमीनों पर भवन बना लिए हैं और अब उनके भवन अतिक्रमण की जद में आ रहे हैं।

यहां लोगों ने बताया कि यहां कुछ रसूखदारों लोगों के पास यहां सालों से जमीनों के कब्जे थे। उन्हें राजनीतिक शह भी थी। वही लोग लोगों से लाखों रुपये लेकर जमीन पर उन्हें कब्जा दे देते थे।

यह भी पढ़ें:  सीमांत गांवों में युवाओं की नई भूमिका: ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2026’ का शुभारंभ, 500 युवा स्वयंसेवक संभालेंगे बदलाव की कमान...

औपचारिकता के तौर पर एक स्टांप पर इस इकरारनामे को लिखा जाता था। हालांकि उस स्टांप की नोटरी भी नहीं कराई जाती थी। नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय का भी कहना है कि कोई भी व्यक्ति सरकारी जमीन पर अपना स्वामित्व कैसे बता सकता है।

यह भी पढ़ें:  सीमांत गांवों में युवाओं की नई भूमिका: ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2026’ का शुभारंभ, 500 युवा स्वयंसेवक संभालेंगे बदलाव की कमान...

फिलहाल तो यहां सरकारी जमीन को बेचने का खेल सालों से चल रहा है। देखते ही देखते भवन पर भवन बनते हुए। सरकारी जमीनें बेचकर करोड़ों रुपये कमाने वालों का कोई नाम नहीं बता पा रहा है। यहां तक की जिन्होंने जमीनें खरीदी हैं वह भी ठीक से नाम और पता नहीं बता पा रहे हैं।

Ad Ad Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *