नशे पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: हल्द्वानी के निजी स्कूलों को सख्त निर्देश, हर महीने चलाना होगा ‘नशा विरोधी अभियान’…

0
FB_IMG_1783697236960
खबर शेयर करें -

 

 

हल्द्वानी। युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए नैनीताल जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार के “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत शुक्रवार को हल्द्वानी स्थित ओरम स्कूल परिसर में जिले के निजी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में छात्रों को नशे से दूर रखने के लिए कई अहम फैसले लिए गए और स्कूलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।

 

बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय ने कहा कि नशा युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने सभी स्कूलों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए तथा इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

 

प्रशासन ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में प्रार्थना सभा, पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन, वाद-विवाद, नुक्कड़ नाटक और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से नशा विरोधी संदेश दिया जाए। साथ ही प्रत्येक विद्यालय में हर महीने नशा विरोधी कार्यक्रम आयोजित करना अनिवार्य होगा।

 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक तीन माह में अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित कर विद्यार्थियों की संगति, दिनचर्या और व्यवहार पर चर्चा की जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध प्रवृत्ति की समय रहते पहचान कर उचित कदम उठाए जा सकें।

 

जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह नेगी ने प्रत्येक विद्यालय में शिक्षकों, अभिभावकों और छात्र प्रतिनिधियों की संयुक्त निगरानी समिति गठित करने का सुझाव दिया। साथ ही स्कूल परिसर के 200 मीटर के दायरे में तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने तथा नशा मुक्ति संबंधी सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए।

 

सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश पंत ने कहा कि यदि कोई छात्र नशे की चपेट में पाया जाता है तो उसे दंडित करने के बजाय काउंसलिंग और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर विद्यालयों में निःशुल्क परामर्श शिविर भी लगाएगा।

 

वहीं एसपी क्राइम जगदीश चंद्र ने कहा कि विद्यालयों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी और नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए गए।

 

बैठक के अंत में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों ने अपने-अपने विद्यालयों को “100 प्रतिशत नशा मुक्त परिसर” बनाने का संकल्प लिया और इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का रूप देने का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग मिलकर समन्वित रूप से अभियान चलाएंगे।

Ad Ad Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *