उत्तराखंड– देवभूमि की लाड़ली ने साइकिल से अफ्रीकी महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी करी फतह, बनाया नया विश्व रिकार्ड…

Screenshot_20221222-185847_Samsung Internet
खबर शेयर करें -

रूद्रप्रयाग की बेटी प्रीति नेगी ने साइकिल से अफ्रीकी महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी को फतह करके नया विश्व रिकार्ड बनाकर पूरे विश्व में भारत का डंका बजवाया है।

प्रीति नेगी ने रूद्रप्रयाग और उत्तराखंड ही नहीं देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया है। 18 दिसम्बर को अफ्रीकी महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को साइकिल से तीन दिन में फतह कर तिरंगा फहराया और असंभव काम को संभव बना दिया।

इस सफलता के पीछे बाबा केदारनाथ जी की कृपा मानने वाली प्रीति ने 18 दिसम्बर को सुबह 6 बजे साउथ अफ्रीका तंजानिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर भारत देश का तिंरगा लहराते हुए और एक नया विश्व रिकार्ड कायम किया है।

यह भी पढ़ें:  26 मदरसों को मिली मान्यता, सीएम धामी बोले, आधुनिक शिक्षा से ही बनेगा बच्चों का उज्ज्वल भविष्य, नई पहचान, नया सम्मान के साथ अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मिला मान्यता प्रमाण-पत्र, विज्ञान, तकनीक और AI से जुड़ने पर मुख्यमंत्री ने दिया जोर...

इससे पूर्व पाकिस्तानी की समर खानए जिसने चार दिन में समिट पूरा किया, थाए का रिकॉर्ड ब्रेक कर तीन दिन में ही समिट पूरा करके नया विश्व रिकार्ड भारत के नाम कर दिया।

इस रिकॉर्ड को उन्होंने शहीद माउंटेनियर एवरेस्टर सविता कंसवा और नोमी रावत और भारतीय सेना के जाबाँज सिपाही अपने शहीद पिता को श्रद्धाजंली स्वरूप समर्पित किया है। किलिमंजारोए अपने तीन ज्वालामुखीय शंकुए किबोए मवेन्ज़ीए और शिरा के साथ पूर्वोत्तर तंजानिया में एक निष्क्रिय स्ट्रैटो ज्वालामुखी है और अफ्रीका का उच्चतम पर्वत है।

इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 5ए895 मीटर या 19ए341 फीट है। किलिमंजारो पर्वत दुनिया का सबसे ऊंचा मुक्त.खड़ा पर्वत है और साथ ही साथ विश्व का चौथा सबसे उभरा पर्वत है जो आधार से 5ए882 मीटर या 19ए298 फीट ऊंचा है।

यह भी पढ़ें:  नैनीताल–लगातार बारिश से नैनीताल में अलर्ट, डीएम ने विभागों को दिए सख्त निर्देश, करीब चार दर्जन सड़कें बंद, संवेदनशील इलाकों में मशीनरी और राहत टीमें तैनात...

इससे पूर्व प्रीति रिस्पेक्ट टू गॉड इवेंट के जरिए 4 दिन में हरिद्वार से केदारनाथ तक की यात्रा साइकिल से कर रिकॉर्ड बना चुकी है। इस तरह हरिद्वार से केदारनाथ पहुँचने वाली प्रीति पहाड़ की पहली बेटी है। प्रीति जनपद रूद्रप्रयाग में ग्राम तेवड़ी सेम, पोस्ट चंद्रनगर की निवासी है।

प्रीति के पिता शहीद स्व0 राजपाल सिंह वर्ष 2002 में आतंकवादियों से लड़ते हुए जम्मू कश्मीर में शहीद हो गए थे। इस घटना ने परिवार को पूरी तरह से झकझोर दिया फिर भी प्रीति ने कभी खुद को कमजोर होने नहीं दिया। माँ भागीरथी देवी भी लगातार बेटी की हौसला अफजाई करती रही।

प्रीति कुछ बेहतर कर नाम रोशन करना चाहती थी इसलिए बचपन से ही खेलकूद के साथए बाइकिंगए माउंटेन और साइकिलिंग में खुद को निखारने लगी। अगस्त्यमुनि से शिक्षा प्राप्ति के दौरान 2015 में बॉक्सिंग स्टेट खेल चुकी प्रीति ने 2016 में पर्वतारोहण में बेसिक कोर्स किया। जिसके बाद से वो कई चोटियों पर पर्वतारोहण कर चुकी है।

यह भी पढ़ें:  26 मदरसों को मिली मान्यता, सीएम धामी बोले, आधुनिक शिक्षा से ही बनेगा बच्चों का उज्ज्वल भविष्य, नई पहचान, नया सम्मान के साथ अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मिला मान्यता प्रमाण-पत्र, विज्ञान, तकनीक और AI से जुड़ने पर मुख्यमंत्री ने दिया जोर...

वर्ष 2017 ने यूथ फाउंडेशन में बतौर इंस्ट्रक्टर बनकर लड़कियों को प्रशिक्षित किया। पुनः 2018 में पर्वतारोहण ए ग्रेड का एक उन्नत कोर्स कर डीकेडी से 5670 मीटर तक की चढ़ाई भी की। 2019 में एक स्की कोर्स किया जिसमें दूसरा स्थान मिला और ए ग्रेड प्राप्त किया। 2022 में पर्वतारोहण में बचाव पाठ्यक्रम करने के बाद से लगातार विभिन्न इंवेटों के जरिए अपने को स्थापित करने में जुटी है।

Ad