महर्षि दधीचि के त्याग से लें प्रेरणा, अंगदान बने जनआंदोलन: जेपी नड्डा, देव संस्कृति विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी, मुख्यमंत्री धामी बोले—मृत्यु के बाद भी जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम हैं अंगदान..

0
FB_IMG_1782613437180
खबर शेयर करें -

हरिद्वार। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज में दधीचि अंगदान संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अंगदान को मानव सेवा का सर्वोच्च कार्य बताते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में देशभर से आए विशेषज्ञों, चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं साधकों ने अंगदान के महत्व पर अपने विचार रखे तथा बड़ी संख्या में लोगों ने मानव सेवा के लिए अंगदान का संकल्प लिया।

 

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि अंगदान ऐसा महान कार्य है, जिसके माध्यम से गंभीर रूप से जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान को वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टिकोणों से समझने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। उन्होंने कहा कि अंगदान एवं प्रत्यारोपण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संस्थागत ढांचे का विकास किया गया है और राज्यों में भी संबंधित संस्थाओं को सक्रिय किया जा रहा है। जागरूकता बढ़ने से देश में अंगदान करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और जनभागीदारी से इसे एक व्यापक जनआंदोलन बनाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें:  बिग ब्रेकिंग–हल्द्वानी में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, फायर एनओसी न मिलने पर पांच संस्थानों पर कार्रवाई...

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति त्याग, समर्पण, सेवा और परमार्थ की महान परंपरा पर आधारित है। उन्होंने महर्षि दधीचि के अद्वितीय त्याग और राजा शिवि की करुणा का उल्लेख करते हुए कहा कि मृत्यु के बाद भी यदि किसी व्यक्ति का अंग किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सके तो इससे बड़ा मानव कल्याण का कार्य कोई नहीं हो सकता।

यह भी पढ़ें:  बिग ब्रेकिंग–पेट बढ़ना समझीं सामान्य समस्या, निकला 15 किलो का ओवेरियन ट्यूमर; डॉक्टर बोले इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज...

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा ढांचे के विकास और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। उत्तराखंड में भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अंगदान एवं प्रत्यारोपण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकारी एवं निजी अस्पतालों, प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।

 

उन्होंने जानकारी दी कि दून मेडिकल कॉलेज में राज्य के पहले सरकारी ऊतक प्रत्यारोपण केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही अंग प्रत्यारोपण केंद्रों, अंग बैंक तथा जिला स्तरीय अंगदान केंद्रों का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर अंग उपलब्ध हो सकें।

 

मुख्यमंत्री ने गायत्री परिवार द्वारा पिछले एक शताब्दी से आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का संदेश “हम बदलेंगे तो युग बदलेगा” आज भी समाज को सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता है।

यह भी पढ़ें:  बिग ब्रेकिंग–हल्द्वानी में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, फायर एनओसी न मिलने पर पांच संस्थानों पर कार्रवाई...

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने की। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन मंत्री श्री मदन कौशिक, रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी दयामूर्त्यानंद जी, डॉ. अनिल कुमार, पद्मश्री नीलेश मांडलेवाला, डॉ. विजय धस्माना सहित अनेक विशेषज्ञों ने अंगदान के वैज्ञानिक, सामाजिक और कानूनी पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। शांतिकुंज के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उपस्थित लोगों को अंगदान का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री ओमप्रकाश जमदग्नि, प्रो. मीनू सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, पत्रकार, गणमान्य नागरिक एवं देशभर से आए साधक भी उपस्थित रहे।

Ad Ad Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *