₹1500 करोड़ राजस्व लक्ष्य के साथ अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई, निदेशक राजपाल लेघा ने जिला खान अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश…

IMG-20250704-WA0064
खबर शेयर करें -

देहरादून। खान एवं भू-विज्ञान निदेशालय में बुधवार को निदेशक श्री राजपाल लेघा की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिला खान अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व लक्ष्य, अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई, ई-चालान वसूली तथा लंबित बकाया राशि की वसूली सहित कई अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

 

बैठक में निदेशक राजपाल लेघा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1500 करोड़ का राजस्व लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी जिला खान अधिकारियों को इसे हर हाल में हासिल करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।

यह भी पढ़ें:  अच्छी खबर–स्वास्थ्य जांच का सुनहरा मौका: विनायक पैथलैब में हेल्थ चेकअप कैंप, सिर्फ ₹199 में जांच...

 

निदेशक ने प्रदेशभर में अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं अवैध भंडारण के विरुद्ध सख्त अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नियमित निरीक्षण और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

यह भी पढ़ें:  श्रमिक परिवारों को धामी सरकार की बड़ी सौगात, 10,709 लाभार्थियों के खातों में पहुंचे ₹18.49 करोड़, डीबीटी से एक क्लिक में हस्तांतरित हुई सहायता राशि, शिक्षा, विवाह, प्रसूति और मृत्युपरांत सहायता के लाभार्थी शामिल...

 

बैठक में ई-चेक गेट के माध्यम से जारी किए गए ई-चालानों की समयबद्ध वसूली पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित ई-चालानों का शीघ्र निस्तारण कर राजस्व संग्रह में तेजी लाई जाए।

 

इसके अलावा, पिछले कई वर्षों से अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण से संबंधित लगभग ₹250 करोड़ की लंबित बकाया धनराशि की वसूली को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। इसके लिए संबंधित मामलों में रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी कर प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

यह भी पढ़ें:  जनसुनवाई में आयुक्त दीपक रावत का बड़ा एक्शन, जमीन विवाद से लेकर स्कूल दाखिले तक मौके पर निपटाए मामले, प्लॉट के 5 लाख रुपये वापस दिलाए, लिव-इन मामले में तीन माह में 7 लाख लौटाने के निर्देश; सरकारी जमीन से कब्जा हटाने को पांच दिन की मोहलत...

 

बैठक के अंत में निदेशक राजपाल लेघा ने स्पष्ट किया कि सरकार के राजस्व हितों की रक्षा, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जिला खान अधिकारियों से तय लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

Ad