उत्तराखंड में मानसून से पहले सिंचाई विभाग अलर्ट, गौला बैराज पर विशेष निगरानी

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मानसून सीजन नजदीक आते ही सिंचाई विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। 15 जून से विभाग के आठ इंजीनियरों की रोस्टर के हिसाब से गौला बैराज पर ड्यूटी लगेगी। इंजीनियरों को रात आठ से सुबह छह बजे तक बैराज पर तैनात रहना पड़ेगा। इस दौरान अगर नदी में ज्यादा पानी आएगा तो बैराज से गेट खोल दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद प्री मानसून से पहले सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता संजय शुक्ला ने काठगोदाम के गौला बैराज, अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स की सुरक्षा दीवार, कटघरिया नहर कवरिंग व कालाढूंगी नहर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को कार्य में उचित गुणवत्ता के साथ समय से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

 

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वहीं गौला बैराज पर विभागीय अधिकारियों की ओर से मानसून पूर्व की गई तैयारियां भी परखी गई। इस दौरान इंजीनियरों ने उन्हें बताया कि 15 जून को गौला बैराज में जल पुलिस की भी तैनाती हो जाएगी। इनके लिए कंट्रोल रूम में वायरलेस सेट भी स्थापित हो जाएगा।

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साथ ही फतेहपुर स्थित भाखड़ा नदी, चोरगलिया स्थित सूखी व नंधौर नदी में भी इंजीनियरों की ड्यूटी लगेगी। जो नदियों व नालों में पानी बढ़ने की सूचना उच्चाधिकारियों को भी देंगे। इस दौरान सिंचाई के अधीक्षण अभियंता महेश खरे, अधिशासी अभियंता दिनेश रावत, सहायक अभियंता मनोज तिवारी आदि मौजूद रहे।

 

 

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जल संस्थान की ओर से भी मानसून को देखते हुए जीआइ पाइप, एसची पाइप आदि स्टोर कर ली गई हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरएस लोशाली ने बताया कि बीते वर्ष कलसिया व दमुवाढूंगा स्थित देवखड़ी नाले से लोगों के घरों तक जा रही पाइपलाइनें बह गईं थी। जिसके चलते क्षेत्रवासियों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा। इसको देखते हुए अब स्टाक में पाइपलाइनें भी रिजर्व रख ली गई हैं।

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