उत्तराखण्ड/नैनीताल–हाईकोर्ट के आसपास 500 मीटर तक निषेधाज्ञा लागू, जुलूस-सभा और हथियारों पर सख्त पाबंदी…

FB_IMG_1755452166654
खबर शेयर करें -

 

नैनीताल, 18 अगस्त 2025 — जिला पंचायत अध्यक्ष नैनीताल के चुनाव को लेकर उच्च न्यायालय, उत्तराखंड की नैनीताल खंडपीठ में चल रही याचिका की सुनवाई के मद्देनज़र सोमवार को भारी संख्या में याचिकाकर्ताओं एवं उनके समर्थकों के न्यायालय पहुंचने की संभावना को देखते हुए शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से परगना मजिस्ट्रेट, नैनीताल नवाजिश खलीक द्वारा निषेधाज्ञा जारी की गई है।

 

 

यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत पारित किया गया है और इसके तहत माननीय उच्च न्यायालय परिसर से 500 मीटर की परिधि में विशेष प्रतिबंध लगाए गए हैं।

यह भी पढ़ें:  नेपाल से आए अधिकारियों ने देखा पिथौरागढ़ का गौरव, सौर किले की विरासत ने जीता दिल, भारत-नेपाल समन्वय बैठक के बीच ऐतिहासिक सौर किले का भ्रमण, नेपाली अधिकारियों ने की सांस्कृतिक विरासत की सराहना...

 

 

जारी आदेश के अनुसार इस क्षेत्र में बिना जिला मजिस्ट्रेट या अपर जिला मजिस्ट्रेट की पूर्वानुमति के पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा, जुलूस, नारेबाज़ी, हथियारों अथवा विस्फोटकों के साथ प्रवेश करने की पूर्णतः मनाही रहेगी।

 

 

लाठी, डंडा, तलवार, अग्नि शस्त्र आदि किसी भी प्रकार के शस्त्र लेकर इस क्षेत्र में आना निषिद्ध रहेगा। साथ ही किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नहीं किया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें:  बिग ब्रेकिंग–गड्ढों में तब्दील लालकुआं–बिंदुखत्ता का मुख्य मार्ग, हादसे को दे रहा निमंत्रण, जल भराव और कीचड़ से राहगीर परेशान, कुमाऊं आयुक्त से तत्काल मरम्मत और स्थायी समाधान की मांग...

 

 

 

कोई भी व्यक्ति अफवाहें नहीं फैलाएगा और न ही कोई पर्चे, बैनर, पोस्टर, झंडे या अन्य प्रचार सामग्री वितरित अथवा प्रदर्शित करेगा जिससे माननीय उच्च न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुँचने की आशंका हो।

 

 

न्यायालय परिसर के आसपास चिन्हित पार्किंग स्थलों के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर वाहन खड़ा करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। वाहन जाम अथवा मार्ग अवरुद्ध करने जैसी गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।

 

 

साथ ही, किसी भी प्रकार के उत्तेजक भाषण, घोषणाएं या कोई ऐसा कार्य जो लोक शांति को प्रभावित करे, उस पर सख्त प्रतिबंध लागू किया गया है।

यह भी पढ़ें:  मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, हल्द्वानी-लालकुआं में ताबड़तोड़ निरीक्षण, 10 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, घी, किशमिश और बेसन के नमूने जांच को भेजे; मिसब्रांडिंग पर चालानी कार्रवाई की तैयारी...

 

 

यह निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और इसका उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध माना जाएगा।

 

 

समयाभाव के कारण यह आदेश एकपक्षीय रूप से लागू किया गया है। पुलिस बल एवं सुरक्षा कर्मी इस निषेधाज्ञा से मुक्त रहेंगे और वे शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु तैनात रहेंगे।

 

 

 

Ad