विशेष उत्तराखंड–70 हजार में खरीदी अपने लिए बीबी, फिर चढ़ा दी उसकी बलि, पढ़िए यह खबर…

Screenshot_2023_0810_183722
खबर शेयर करें -

राष्ट्रिय राजधानी दिल्ली में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। एक व्यक्ति ने पहले तो 70 हजार रुपए में स्वयं के लिए पत्नी खरीदी। फिर जब महिला बिना बताए अक्सर अपने मायके जाने लगी तो गुस्सा में आकर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के पश्चात् अपराधी ने लाश को ठिकाने लगाने के लिए प्लान बनाया तथा बॉडी को जंगल में फेंक दिया।

पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार करते हुए इस हत्याकांड का खुलासा किया है। DCP साउथ चंदन चौधरी ने एजेंसी को बताया कि शनिवार को पुलिस के पास एक कॉल आया। फोन करने वाले ने बताया कि दिल्ली के फतेहपुर बेरी क्षेत्र के जंगल में एक महिला की लाश मिली है।

खबर प्राप्त होते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची तथा बॉडी को अपने कब्जे में ले लिया। जंगल से इस प्रकार लाश मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत ही मामले की पड़ताल आरम्भ कर दी। तहकीकात में पुलिस ने एक तरफ उस इलाके से गुजरने वाले वाहनों को सर्विलांस में लिया तो वहीं दूसरी तरफ तकनीक का सहारा लेते हुए भी पड़ताल आरम्भ की गई। शुरुआती जाँच में पता चला कि उस इलाके से शनिवार रात लगभग 1।40 बजे एक ऑटो गुजरा है।

यह भी पढ़ें:  देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर’, NeST Fest-2026 में सीएम धामी ने पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत, कहा—पूर्वोत्तर भारत की विविधता और सुंदरता का चमकता मुकुट, युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत...

पुलिस ने जब ऑटो का रूट ट्रैक किया तो जल्द ही उसका रजिस्ट्रेशन नंबर भी मिल गया। तहकीकात में सामने आया कि इस ऑटो को दिल्ली के छतरपुर के गदईपुर बांध रोड इलाके में रहने वाला अरुण चलाता है। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने एक के पश्चात् एक राज उगलने शुरू कर दिए। अरुण ने बताया कि जिस महिला की लाश पुलिस को मिली है, उसका नाम स्वीटी है तथा वह धरमवीर नाम के शख्स की पत्नी थी।

यह भी पढ़ें:  करोड़ों की साइबर ठगी का अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट बेनकाब, मुख्य सरगना समेत 6 गिरफ्तार, म्यूल बैंक खातों और फर्जी ऐप से 4 महीने में 5 करोड़ से ज्यादा की ठगी का खुलासा, 2 विधि–विवादित किशोर भी संरक्षण में...

अरुण ने पुलिस को बताया कि उसने अपने बहनोई धरमवीर एवं सत्यवान के साथ मिलकर स्वीटी का क़त्ल किया है। तीनों ने दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के पास नांगलोई इलाके में गला दबाकर स्वीटी की हत्या की तथा फिर उसकी लाश को जंगल में फेंक दिया। अरुण ने आगे बताया कि उसे इस जंगल के बारे में अच्छी तरह से पता था। इसलिए लाश को ठिकाने लगाने के लिए इस इलाके को चुना गया।

वही हत्या की वजन बताते हुए अरुण ने कहा,’ धरमवीर अपनी पत्नी के बर्ताव से खुश नहीं था। स्वीटी अक्सर बिना बताए कई महीनों के लिए अपने मायके चली जाती थी। दरअसल, धरमवीर ने स्वीटी को 70 हजार रुपए देकर खरीदा था, इसलिए उसके परिवार के बारे में किसी को कुछ भी नहीं पता था।

यह भी पढ़ें:  बिग ब्रेकिंग–गोरापड़ाव डकैती कांड में पुलिस का बड़ा प्रहार, एक और डकैत गिरफ्तार, चेन और ₹15 हजार बरामद...

स्वीटी भी अपने परिवार के बारे में कभी बात नहीं करती थी। उसने केवल इतना बता रखा था कि वह बिहार के पटना की रहने वाली है।’ मामले की तहकीकात अभी जारी है। पुलिस ने हत्या के साथ-साथ इस मामले में सबूत मिटाने का मुकदमा भी दर्ज किया है। हत्या में इस्तेमाल किया गया ऑटो भी पुलिस के कब्जे में है।

अब तक की तहकीकात में यह पता चला है कि आरोपी स्वीटी को यह कहकर अपने साथ ले आए थे कि वह उसे रेलवे स्टेशन छोड़ देंगे। पुलिस अब उस व्यक्ति को भी तलाश रही है, जिससे धरमवीर ने स्वीटी को खरीदा था। हालांकि, इस मामले में एक बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि महीनों तक घर से दूर रहने के चलते स्वीटी कहां जाती थी।

Ad