अच्छी पहल–संकट में साथ खड़े होने की यही है असली मानवता, इंद्रमणि नौटियाल की स्वदेश वापसी की मुहिम में बढ़े मदद के हाथ…

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उत्तरकाशी। संकट की घड़ी में किसी जरूरतमंद परिवार के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानवता है। उत्तरकाशी निवासी इंद्रमणि नौटियाल की स्वदेश वापसी के लिए उनकी बेटी दीपिका नौटियाल जिस साहस, संघर्ष और संकल्प के साथ लगातार प्रयास कर रही हैं, वह पूरे समाज के लिए संवेदना और मानवीय एकजुटता की मिसाल बन गया है।

 

दीपिका की इस मुहिम को अब लगातार जनप्रतिनिधियों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से इंद्रमणि नौटियाल की स्वदेश वापसी के लिए दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। इसके लिए दीपिका और उनके परिवार ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।

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वहीं मुख्यमंत्री के गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट ने व्यक्तिगत रूप से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देकर संकट की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े होने का संदेश दिया है। इससे पहले गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने भी दीपिका की मुहिम में 50-50 हजार रुपये की सहायता देकर संवेदनशीलता का परिचय दिया।

 

इन सहयोगों का महत्व महज आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। हर मदद दीपिका के हौसले को मजबूत कर रही है और उन्हें यह भरोसा दिला रही है कि अपने पिता को वतन वापस लाने की उनकी लड़ाई अकेले की नहीं है, बल्कि समाज का एक बड़ा वर्ग उनके साथ खड़ा है।

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मुख्यमंत्री की ओर से मिली दो लाख रुपये की सहायता हो, किशोर भट्ट का व्यक्तिगत एक लाख रुपये का सहयोग या अन्य जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों की मदद ये सभी प्रयास इंसानियत की ताकत को सामने लाते हैं। ऐसे सहयोग किसी परिवार के लिए आर्थिक संबल के साथ-साथ भावनात्मक ताकत भी बनते हैं।

 

अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी रोशन रतूड़ी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से दीपिका की मुहिम में सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि किसी जरूरतमंद परिवार के लिए छोटी या बड़ी मदद का मूल्य केवल धनराशि से नहीं, बल्कि उसके पीछे खड़ी संवेदना से तय होता है।

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उन्होंने कहा कि दीपिका की यह लड़ाई सिर्फ एक बेटी की अपने पिता को घर वापस लाने की कोशिश नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक संवेदना और इंसानियत की परीक्षा भी है। उन्होंने लोगों से अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस परिवार के साथ खड़े होने और इंद्रमणि नौटियाल की सकुशल स्वदेश वापसी के अभियान में सहयोग करने की अपील की।

 

अब उम्मीद यही है कि दीपिका की इस मुहिम को समाज के और भी लोगों का साथ मिलेगा और सामूहिक प्रयासों से इंद्रमणि नौटियाल जल्द सकुशल अपने वतन और अपने परिवार के बीच लौट सकेंगे।

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