38 दिन की पदयात्रा के बाद फिर उमड़ा बिंदुखत्ता का जनसैलाब, भारी बारिश में भी हाथों में तिरंगा लेकर निकले हजारों लोग, जड़ सेक्टर स्कूल से तहसील तक गूंजा एक ही संदेश, बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाना होगा…
बिंदुखत्ता। शहीदों की धरती बिंदुखत्ता में राजस्व ग्राम की वर्षों पुरानी मांग को लेकर चल रहा आंदोलन रविवार को एक बार फिर बड़े जनप्रदर्शन में बदल गया। 38 दिनों की पदयात्रा के बाद आज जड़ सेक्टर स्कूल से राजस्व ग्राम की मांग को लेकर एक दिवसीय पदयात्रा शुरू हुई। भारी बारिश के बावजूद ग्रामीणों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी। छाते ओढ़े और हाथों में तिरंगा थामे बड़ी संख्या में लोग लगातार पदयात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचते रहे।
जड़ सेक्टर स्कूल से शुरू हुई पदयात्रा में बिंदुखत्ता के अलग-अलग क्षेत्रों से महिला, पुरुष, युवा, बुजुर्ग और पूर्व सैनिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। बारिश के बीच तिरंगा हाथों में लेकर आगे बढ़ते ग्रामीणों ने अपनी एकजुटता का संदेश दिया। पदयात्रा का समापन तहसील पहुंचकर किया जाएगा, जहां राजस्व ग्राम की मांग को लेकर प्रशासन को अपनी बात रखी जाएगी।
आंदोलनकारियों का कहना है कि बिंदुखत्ता के लोग लंबे समय से राजस्व ग्राम के दर्जे की मांग कर रहे हैं और यह केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन की मांग नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक आवाज है। 38 दिनों तक चली पदयात्रा के बाद आज आयोजित कार्यक्रम में लोगों की बड़ी भागीदारी ने आंदोलन की व्यापकता को एक बार फिर सामने रखा।
पदयात्रा में वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, पूर्व सैनिक संगठन से प्रकाश मिश्रा, भरत नेगी, एडवोकेट किशन पांडेय, संध्या डालाकोटी, प्रमोद कॉलोनी, बलवंत बिष्ट, बलवंत सम्मल, प्रकाश उतराखंडी, पूरन परिहार, चंचल सिंह कोरंगा, इन्दर सिंह पनेरी, दीपक जग्गी, दीप चन्द, दीपक जोशी, दीपक नेगी, महेश फुलारा, राजेंद्र सिंह, रमेश नाथ, जीवन पांडेय गायक, कमल चौहान सहित आंदोलन से जुड़े अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा प्रेम नाथ, मनोज दानू, दीपक दानू, वीरेन्द्र दानू, ममता सिंह, खिलाप सिंह, दिगपाल सिंह, सुन्दर सिंह जीना, पंकज जोशी, रोहित तिवारी, मनोज कोरंगा समेत बड़ी संख्या में ग्रामवासी पदयात्रा में शामिल हुए।
भारी बारिश के बीच भी लगातार बढ़ती भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिंदुखत्ता के ग्रामीण अपनी वर्षों पुरानी मांग को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। हाथों में तिरंगा और जुबां पर राजस्व ग्राम की मांग के साथ ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
पदयात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाना होगा के नारों की गूंज सुनाई देती रही। अब सभी की नजरें तहसील में होने वाली आगे की कार्रवाई और प्रशासन के रुख पर टिकी हैं।