आस्था उत्तराखंड–केदारनाथ में ललित महाराज कर रहें हाड़ कपाने वाली ठंड के बीच तपस्या, आप भी पढ़िए….

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उत्तराखंड/रुद्रप्रयाग– उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड हो रही है। चारो धाम बर्फ की सफेद चादर से गदगद है। इस बर्फबारी के बीच इंसान सुन हो जाए। तो वहीं बाबा केदार के द्वार बर्फबारी और कंपकपाती ठंड के बीच भक्त साधु ललित रामदास महाराज अब भी वहीं तपस्या में लीन हैं।

चारों तरफ गिरी बर्फ और जमा देने वाली ठंड भी इनकी साधना के आगे बेअसर दिखती है। रामदास महाराज बाबा बर्फानी के नाम से भी विख्यात हैं। इसे बाबा केदार का चमत्कार ही कहेंगे कि ललित महाराज वर्ष भर साढ़े 11 हज़ार फीट की ऊंचाई में, केदारनाथ धाम में माइनस डिग्री तापमान की कडकडाती सर्दी में बाबा केदार का ध्यान करते हुए योगमुद्रा में समाधि की अवस्था मे रहते है।

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कपाट बंद होने के बाद भी वह हांड कंपा देने वाली ठंड बर्फबारी के बीच भी बाबा केदार की तपस्या में बैठ जाते हैं।

रिपोर्टस की माने तो जब पूरा क्षेत्र लगभग 5 से 8 फुट बर्फ से ढक जाता है। इस भयंकर ठंड में जीवित रहना बेहद मुश्किल होता है। मगर धाम में कड़ाके की ठंड भी आध्यात्म के लौ को बुझा नहीं पाई। वह कभी भी तपस्या भंग नहीं करते।

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वह यहां बाबा केदार की तपस्या उस मौसम में करते हैं जब एक आम इंसान बाहर भी नहीं निकलते हुए सोचता है। ऐसी जमा देने वाली ठंड में भी वह बाबा केदार के ध्यान में लील है।

बताया जाता है कि केदारनाथ मंदिर से लगभग 200 मीटर दूर पुराने गढ़वाल मंडल विकास निगम गेस्ट हाउस में ललित महाराज का आश्रम है। वह पिछले कई वर्षों से कपाट बंद होने के बाद भी केदारनाथ में रहते हैं और आवारा पशुओं की सेवा के अलावा, वह यात्रा के मौसम में हर दिन तीर्थयात्रियों के लिए भंडारे का आयोजन भी करते हैं। हर साल लाखों लोग भंडारे में शामिल होते हैं। यात्रा शुरू होने से लेकर कपाट बंद होने तक लगातार भंडारा चलता रहता है।

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