चम्पावत में डीएम का बिजली विभाग पर बड़ा एक्शन: अधिशासी अभियंता समेत 6 कर्मचारी गायब, 88 हजार के बिजली बिल पर भी जताई सख्त नाराजगी…

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चम्पावत। जनपद में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के अभियान के तहत जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सोमवार को यूपीसीएल कार्यालय का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता समेत छह कर्मचारी कार्यालय समय समाप्त होने से पहले ही अनुपस्थित मिले, जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी से तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।

 

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बिना अनुमति कार्यालय छोड़ने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर, कार्यालय अभिलेख, आरटीआई रजिस्टर और सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की भी गहन समीक्षा की।

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निरीक्षण के दौरान डीएम ने सीएम हेल्पलाइन के एक शिकायतकर्ता से स्वयं फोन पर बात कर उसकी समस्या जानी। शिकायतकर्ता ने बताया कि नवंबर 2025 में 14 हजार रुपये और फरवरी 2026 में 6,075 रुपये का बिजली बिल जमा करने के बावजूद मार्च और अप्रैल का करीब 88 हजार रुपये का भारी-भरकम बिल जारी कर दिया गया। कई बार विभाग को शिकायत देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

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मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया विभागीय लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने अधिशासी अभियंता को तत्काल स्पष्टीकरण देने, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और तय समयसीमा के भीतर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

डीएम ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर भी कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की उदासीनता या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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इसके अलावा जिलाधिकारी ने सीमांत क्षेत्र सौरई और तामली में बार-बार बाधित हो रही विद्युत आपूर्ति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार कर उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।

 

डीएम ने दो टूक कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं होगी और जनता को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।

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