बिग ब्रेकिंग उत्तराखंड–हरिद्वार में अवैध खनन पर बड़ा प्रहार: निदेशक राजपाल लेघा की सख्त कार्रवाई से 5 रिटेल भंडारण लाइसेंस निरस्त…

ChatGPT Image Jul 6, 2026, 06_16_00 PM
खबर शेयर करें -

 

 

हरिद्वार। उत्तराखंड में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर लगाम कसने के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी क्रम में विभाग के निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में हरिद्वार जनपद में चलाए गए सघन छापेमारी अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद पांच रिटेल भंडारण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए।

 

भंडारण नियमावली के तहत एक ही खनन सत्र में दो बार से अधिक अवैध अनियमितता पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध खनन और उससे जुड़े नेटवर्क में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है।

यह भी पढ़ें:  ओलंपिक–2036 के लिए उत्तराखंड में शुरू होगी प्रतिभाओं की वैज्ञानिक तलाश, 150 खिलाड़ियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने खेल विभाग के साथ की बैठक, स्कूल स्तर से प्रतिभाओं की पहचान पर जोर...

 

निरस्त किए गए भंडारणों में श्री राकेश कुमार का ग्राम रामपुर रायघटी स्थित भंडारण, मैसर्स चौहान ट्रेडिंग कंपनी का ग्राम भिक्कमपुर जीतपुर स्थित भंडारण, श्री अमरदीप रणावत का ग्राम भिक्कमपुर जीतपुर स्थित भंडारण, मैसर्स मां दुर्गा इंटरप्राइजेज का ग्राम भिक्कमपुर स्थित भंडारण तथा श्रीमती राबिया अंसारी का ग्राम भिक्कमपुर स्थित रिटेल भंडारण शामिल हैं।

यह भी पढ़ें:  प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या, सड़क हादसे का रचा झूठा खेल; 48 घंटे में खुला सनसनीखेज राज...

 

इस संबंध में निदेशक राजपाल लेघा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की नीतियों और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है तथा अवैध गतिविधियों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल अवैध खनन पर रोक लगाना ही नहीं, बल्कि सरकार के राजस्व की सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था को मजबूत करना भी है।

यह भी पढ़ें:  प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या, सड़क हादसे का रचा झूठा खेल; 48 घंटे में खुला सनसनीखेज राज...

 

खनन विभाग के लगातार सक्रिय रवैये और निदेशक राजपाल लेघा की सख्त कार्यशैली को विभागीय स्तर पर प्रभावी माना जा रहा है। उनकी अगुवाई में अवैध खनन के खिलाफ चल रही कार्रवाई से साफ संदेश दिया जा रहा है कि नियमों के उल्लंघन पर अब सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।

 

 

Ad