12 दिन ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर ₹1.47 करोड़ की ठगी, STF ने हरियाणा से दबोचा ₹50 लाख का खाताधारक…

FB_IMG_1784084916364
खबर शेयर करें -

 

 

देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की साइबर टीम (कुमाऊं) ने बहुचर्चित ₹1.47 करोड़ के डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक और वांछित आरोपी को हरियाणा के अंबाला से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर माननीय न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट था। यह गिरफ्तारी मामले में पहले से गिरफ्तार तीन आरोपियों के बाद चौथी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

 

एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपी हरियाणा के ग्राम पिलखनी, थाना शाह, जिला अंबाला का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि उसके बैंक खाते में साइबर ठगी की रकम में से करीब ₹50 लाख ट्रांसफर किए गए थे, जिससे वह इस गिरोह का अहम लाभार्थी खाताधारक था।

यह भी पढ़ें:  दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने पर उत्तराखंड में सियासी घमासान, गणेश गोदियाल करेंगे मौन उपवास, अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध, गांधी पार्क में एक घंटे के मौन उपवास का ऐलान...

 

यह मामला वर्ष 2025 का है, जब साइबर अपराधियों ने रूहेलखंड विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त महिला कुलपति, जो एक वरिष्ठ नागरिक हैं, को पुलिस और सरकारी एजेंसियों का भय दिखाकर 12 दिनों तक व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। इस दौरान उन्हें लगातार मानसिक दबाव में रखकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹1.47 करोड़ की राशि ट्रांसफर करवा ली गई।

यह भी पढ़ें:  उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत, लिखित परीक्षा के बिना सरकारी नौकरी का रास्ता साफ, शारीरिक दक्षता परीक्षा और आयु सीमा में भी मिलेगी छूट, धामी कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी...

 

एसटीएफ की साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रेल और लगातार निगरानी के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे हरियाणा से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की।

 

 

एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर रहने या पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाए, तो घबराएं नहीं। तुरंत कॉल काटें और इसकी सूचना अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।

यह भी पढ़ें:  सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने व्यापारियों को दी चेतावनी, सड़क और फुटपाथ घेरने वालों पर नगर निगम के साथ चलेगा अभियान, त्योहारों से पहले हल्द्वानी में अतिक्रमण पर प्रशासन का शिकंजा, फिर होगी मुनादी, नहीं माने तो कार्रवाई तय...

 

एसटीएफ का कहना है कि जागरूकता ही साइबर अपराधियों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।

Ad Ad