बिग ब्रेकिंग उत्तराखंड–राजधानी में शासन ने भूकंप रेखा से 30 मीटर तक निर्माण के प्रस्ताव पर लगाई रोक की मुहर….

0
InCollage_20231004_194917735
खबर शेयर करें -

राजधानी देहरादून में भूकंप के बढ़ते खतरों के बीच मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने नए डिजिटल मास्टर प्लान में दून से गुजर रही भूकंप रेखा से 50 मीटर दूरी तक भवनों के निर्माण पर पाबंदी लगाई है। यह पहला अवसर है, जब दून के मास्टर प्लान में फ्रंटलाइन एरिया को चिह्नित कर निर्माण को रोकने की पैरोकारी की गई।

प्रस्ताव पर शासन ने मुहर लगाकर 50 मीटर की दूरी को कम करते हुए 30 मीटर पर अपनी सहमति दे दी है। देहरादून भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है। यहां पर राजपुर रोड, सहस्त्रधारा और शहंशाही आश्रम से मेन बाउंड्री थ्रस्ट फाल्ट लाइन और मोहंड के आसपास के इलाके से हिमालयन फ्रंट थ्रस्ट फाल्ट लाइन गुजरती है।

यह भी पढ़ें:  मुखानी पुलिस का नशे के कारोबार पर प्रहार, 111 पाउच कच्ची शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार...

दून घाटी में 29 अन्य भूकंपीय फाल्ट लाइनें भी हैं। यहां पर बने मकानों पर भूकंप का खतरा हमेशा मंडराता रहता है। इसके मद्देनजर पहली बार एमडीडीए ने फाल्ट लाइन प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण को रोकने की तैयारी की है। इन इलाकों में भूकंप रेखा के चारों तरफ 30 मीटर तक निर्माण नहीं किया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें:  बिग ब्रेकिंग उत्तराखंड–बागेश्वर में सनसनी: स्कूल के प्रधानाचार्य की चाकू मारकर हत्या, वेतन विवाद में क्लर्क गिरफ्तार...

इसके अलावा निकटवर्ती क्षेत्रों में बहुमंजिला भवन बनाने पर भी रोक रहेगी। इसका प्रस्ताव चीफ टाउन प्लानिंग विभाग की ओर से शासन में रखा गया। शासन भी इस पर सहमत है। मुख्य भूकंप रेखा वाले क्षेत्र ही नहीं बल्कि विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजर रहीं 29 अन्य भूकंपीय फाल्ट लाइनों के आसपास भी यही नियम लागू रहेगा।

एमडीडीए ने इन सभी क्षेत्रों को फ्रंटलाइन एरिया के तौर पर चिह्नित किया है। चीफ टाउन प्लानर शशि मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि फ्रंटलाइन एरिया के आसपास 50 मीटर क्षेत्र में निर्माण पर रोक लगाई गई थी। व्यावहारिक कारणों से इसे 30 मीटर किया गया है। इसके अलावा निकटवर्ती क्षेत्रों में अधिकतम तीन मंजिल के मकान बन सकेंगे।

यह भी पढ़ें:  जनभावनाओं के आगे झुकी सरकार: देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना में पेड़ों की कटाई फिलहाल स्थगित..

पृथ्वी की सतह पर एक लंबी दरार है। भूकंप भी आमतौर पर इसी फॉल्ट लाइन के बीच किसी हलचल से आता है। जब प्लेट टकराती हैं तो घर्षण की वजह से ऊर्जा बाहर निकलने की कोशिश करती है। इससे होने वाली हलचल से भूकंप आता है। देहरादून के बीच से यह भूकंप रेखा या फाल्ट लाइन गुजरती है।

Ad Ad Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *