बिग ब्रेकिंग–पारदर्शी नीति और सख्त नेतृत्व से खनन में ऐतिहासिक उछाल, 1200 करोड़ पार…

IMG-20250704-WA0064
खबर शेयर करें -

 

देहरादून। उत्तराखंड में खनन क्षेत्र ने इस वर्ष नया इतिहास रचते हुए 1200 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और खनन निदेशक राजपाल लेघा की प्रभावी कार्यशैली का परिणाम मानी जा रही है।

 

 

 

मुख्यमंत्री धामी की पारदर्शी और सख्त नीतियों ने जहां खनन माफिया पर कड़ा शिकंजा कसा, वहीं राजस्व बढ़ाने के लिए मजबूत आधार भी तैयार किया। उनके निर्देशों पर खनन विभाग ने नियमों को सरल बनाते हुए वैध खनन को बढ़ावा दिया और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई।

यह भी पढ़ें:  नेपाल से आए अधिकारियों ने देखा पिथौरागढ़ का गौरव, सौर किले की विरासत ने जीता दिल, भारत-नेपाल समन्वय बैठक के बीच ऐतिहासिक सौर किले का भ्रमण, नेपाली अधिकारियों ने की सांस्कृतिक विरासत की सराहना...

 

 

 

खनन निदेशक राजपाल लेघा की सक्रिय निगरानी और प्रशासनिक दक्षता ने विभाग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके नेतृत्व में विभाग ने न केवल लक्ष्य से अधिक राजस्व प्राप्त किया, बल्कि खनन प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह भी बनाया।

यह भी पढ़ें:  नेपाल से आए अधिकारियों ने देखा पिथौरागढ़ का गौरव, सौर किले की विरासत ने जीता दिल, भारत-नेपाल समन्वय बैठक के बीच ऐतिहासिक सौर किले का भ्रमण, नेपाली अधिकारियों ने की सांस्कृतिक विरासत की सराहना...

 

 

 

वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक राजस्व अर्जित कर विभाग ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह सफलता प्रदेश की आर्थिक मजबूती का संकेत है और आने वाले समय में विकास कार्यों को नई गति देगी।

यह भी पढ़ें:  नेपाल से आए अधिकारियों ने देखा पिथौरागढ़ का गौरव, सौर किले की विरासत ने जीता दिल, भारत-नेपाल समन्वय बैठक के बीच ऐतिहासिक सौर किले का भ्रमण, नेपाली अधिकारियों ने की सांस्कृतिक विरासत की सराहना...

 

 

 

सरकार की स्पष्ट नीति, सख्त क्रियान्वयन और अधिकारियों की टीमवर्क भावना ने उत्तराखंड को खनन राजस्व के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री धामी और निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में प्रदेश लगातार प्रगति की नई मिसाल कायम कर रहा है।

 

 

 

Ad