बिग ब्रेकिंग–बहेड़ी में वन विभाग का छापा, 25 घन मीटर बहुमूल्य खैर की लकड़ी बरामद; तस्करी नेटवर्क की जांच तेज…

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हल्द्वानी। तराई पूर्वी वन प्रभाग की टीम ने अवैध खैर तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को उत्तर प्रदेश के बहेड़ी स्थित एक गोदाम पर संयुक्त छापेमारी की। इस दौरान गोदाम से करीब 25 घनमीटर बहुमूल्य खैर का प्रकाष्ठ एवं लट्ठे बरामद किए गए। कार्रवाई के समय गोदाम संचालक मौके से फरार मिला, जबकि परिसर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। विभाग ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अपराध दर्ज कर तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

 

प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं कि उत्तराखंड के विभिन्न वन क्षेत्रों से अवैध रूप से खैर के पेड़ों का कटान कर लकड़ी को बहेड़ी के एक गोदाम में जमा किया जा रहा है और वहां से उसकी तस्करी की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने कई दिनों तक गुप्त निगरानी और तकनीकी जांच के बाद शनिवार सुबह करीब छह बजे योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा।

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छापेमारी में बरामद करीब 25 घनमीटर खैर की लकड़ी को तीन पिकअप और एक ट्रक के माध्यम से आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर तराई पूर्वी वन प्रभाग की गौला रेंज में सुरक्षित रखवा दिया गया है।

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वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार गोदाम संचालक की तलाश जारी है और इस अवैध कटान व तस्करी से जुड़े पूरे गिरोह की गहन जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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इस विशेष अभियान में उप प्रभागीय वनाधिकारी अनिल जोशी, उप प्रभागीय वनाधिकारी सावित्री, वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र रेकुनी, चंदन अधिकारी, कैलाश गुणवंत, डॉली, नवीन पवार, एसओजी वन क्षेत्राधिकारी नवीन रेकवाल सहित तराई पूर्वी वन प्रभाग के लगभग 50 वन अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।

 

प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी ने कहा कि उत्तराखंड की वन संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वन अपराध और वन उत्पादों की अवैध तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे।

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