देवभूमि में निवेश और विकास का आह्वान: सीएम धामी बोले— CSR से बदलेगा उत्तराखण्ड का भविष्य, उद्योग जगत बने विकास का भागीदार…

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘उत्तराखण्ड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में उद्योग जगत, केंद्रीय उपक्रमों, कॉर्पोरेट समूहों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से उत्तराखण्ड की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत किया गया योगदान केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि पुण्य का कार्य भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड एक पर्वतीय एवं सीमांत राज्य होने के कारण यहां विकास की चुनौतियां अन्य राज्यों से अलग हैं। संवेदनशील पारिस्थितिकी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच विकास कार्यों में अधिक संसाधनों और मेहनत की आवश्यकता होती है। ऐसे में राज्य के समग्र विकास के लिए रोजगार सृजन, सामाजिक उत्थान और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में कॉर्पोरेट जगत का अनुभव, आधुनिक प्रबंधन और सामाजिक प्रतिबद्धता अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य को 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव अब तक धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, नई औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और MSME नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। साथ ही स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की भी व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और पिछले वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इससे उद्योगों और निवेशकों को पारदर्शी, सुरक्षित और भ्रष्टाचार मुक्त माहौल मिला है तथा उन्हें लाइसेंस, भूमि आवंटन और अन्य औद्योगिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
उन्होंने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी “इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट” बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि कॉर्पोरेट क्षेत्र की दक्षता और राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियां मिलकर एक मजबूत और सतत अर्थव्यवस्था का निर्माण करेंगी, जो पूरे देश के लिए मिसाल बनेगी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव विनय शंकर पांडेय, एमडी सिडकुल डॉ. सौरभ गहरवार, अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित उद्योग जगत और विभिन्न संस्थाओं के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
