बिग ब्रेकिंग– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में रखा बजट, जानिए क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा…

IMG-20230201-WA0084
खबर शेयर करें -

बजट की बड़ी बातें. नौकरीपेशा के लिए क्या?

कितनी सैलरी पर कितना टैक्स लगेगा, वित्त मंत्री ने किया बड़ा एलानक्या महंगा-क्या सस्ता?

सिगरेट की कीमत बढ़ेगी, मोबाइल-टीवी की कम होंगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज केंद्रीय बजट 2023-24 सदन पटल रखा। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है। इस बजट में सरकार की ओर से बड़ी घोषणाएं की गई है। केंद्र सरकार के आम बजट पर उत्तराखंड की निगाह भी रही।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट का पिटारा खोलते ही लोग और मोबाइल, टीवी से चिपक गए। ऑटोमोबाइलमोदी सरकार के आम बजट से इस सेक्टर को कितनी मिलेगी रफ्तारबजट में क्या खास?

यह भी पढ़ें:  कुमाऊं विश्वविद्यालय को मिला नया कुलपति, प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट की नियुक्ति, राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने जारी किया आदेश, तीन वर्ष के लिए संभालेंगे कुलपति का दायित्व...

आम आदमी को राहत, सप्तऋषि प्राथमिकताएं और आवास योजनामजबूत शुरुआतबजट के दिन शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 450 अंकों तक उछलाहेल्थ सेक्टरस्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट में क्या रहा खास?

मध्यमवर्गीय नागरिकों के लिए बड़ा एलानकेंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में मध्यमवर्गीय नागरिकों के लिए बड़ा एलान किया है। अब सात लाख रुपये तक की आय पर सरकार कोई टैक्स नहीं लेगी।

अब तक पांच लाख रुपये से अधिक आय पर टैक्स देना पड़ता था। सरकार ने टैक्स स्लैब को भी बदल दिया है। आइए जानते हैं कि अब नया टैक्स स्लैब कैसा होगा?

यह भी पढ़ें:  अवैध खनन पर खनन विभाग का बड़ा एक्शन, स्टोन क्रेशर सीज, हरिद्वार में शिकायत के बाद विभागीय प्रवर्तन दल की कार्रवाई, ई–खन्ना पोर्टल भी अस्थायी रूप से निलंबित...

पिछले बजट में क्या हुआ था?

2022 के बजट में सरकार ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया था। न तो राहत दी गई थी और न ही बोझ बढ़ाया गया था।

जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं करना भी हर नौकरीपेशा के लिए एक बड़ी राहत की तरह है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन्होंने ना तो पिछले साल ना ही इस साल इनकम टैक्स के नाम पर एक भी पैसा बढ़ाया है।

यह भी पढ़ें:  नैनीताल/काठगोदाम–इंस्पिरेशन पब्लिक स्कूल में साइबर क्विज: 'डिजिटल डाइनोमोस' ने मारी बाजी, रेड हाउस रहा अव्वल... 

यानी यह भी किसी राहत से कम नहीं है।साल 2014 के बाद से इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, 2020 में सरकार ने एक नई टैक्स प्रणाली पेश की। इसमें आमदनी के हिसाब से कर का अलग-अलग दायरा तय किया गया था।

लेकिन, आयकर दाताओं पर इसे अनिवार्य नहीं किया गया। उन्हें ये छूट दी गई कि वे दोनों में से किसी एक प्रणाली का इस्तेमाल करके अपना आयकर रिटर्न फाइल कर सकें।

Ad