बिग ब्रेकिंग–जनता दरबार में लापरवाही पर आयुक्त का सख्त एक्शन, बोले–आदेशों की अनदेखी करने वाले नहीं बचेंगे…

हल्द्वानी। जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत शनिवार को हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में सख्त तेवर में नजर आए। भूमि बंटवारे (कुर्रा/फाट) के मामलों में महीनों से कार्रवाई लंबित मिलने पर उन्होंने अधिकारियों और लेखपालों को कड़ी फटकार लगाई तथा स्पष्ट चेतावनी दी कि सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जनता मिलन कार्यक्रम में हल्द्वानी निवासी ईश्वरी दत्त ने बताया कि एसडीएम कोर्ट से चार भाइयों के भूमि बंटवारे का आदेश करीब नौ माह पहले हो चुका है, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ। इस पर आयुक्त ने एसडीएम हल्द्वानी को सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने और लापरवाही बरतने वाले लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि एसडीएम कोर्ट से धारा 176 के तहत पारित भूमि बंटवारे के आदेशों का समय पर पालन होना चाहिए। यदि कोई राजस्व अधिकारी या लेखपाल आदेशों को लंबित रखता है तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान अनुसूचित जाति की भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त का मामला भी सामने आया। बैलपड़ाव निवासी उमा देवी ने शिकायत की कि उनकी भूमि सामान्य वर्ग के व्यक्ति को बेच दी गई और उस पर निर्माण भी करा दिया गया। इस पर आयुक्त ने कहा कि एससी/एसटी की कृषि भूमि बिना सक्षम अनुमति के सामान्य या ओबीसी वर्ग का व्यक्ति नहीं खरीद सकता। ऐसे मामलों में की गई रजिस्ट्री भी निरस्त की जा सकती है। उन्होंने एसडीएम रामनगर को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
वीरभट्टी-छिड़ा मार्ग निर्माण में वन विभाग की आपत्तियों के कारण हो रही देरी पर भी आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को वन विभाग से समन्वय कर जल्द सड़क निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
इसके अलावा भू-अभिलेख में गलत नाम दर्ज होने की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार करने के आदेश दिए गए।
रामनगर निवासी नितिन ढोमणे ने नजूल भूमि की धोखाधड़ी से खरीद का मामला उठाया। आयुक्त ने इसे गंभीर मानते हुए संबंधित विक्रेता से शिकायतकर्ता की धनराशि शीघ्र वापस कराने के निर्देश दिए। साथ ही पटवारियों को सभी नजूल भूमि पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाने के आदेश दिए, जिन पर लिखा होगा, “यह भूमि सरकार की संपत्ति है, इसका क्रय-विक्रय दंडनीय अपराध है।”
जनता मिलन के अंत में आयुक्त दीपक रावत ने दो टूक कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
