15 अक्टूबर तक नैनीताल की सभी सड़कें होंगी गड्ढामुक्त, डीएम रयाल ने तय की डेडलाइन, त्योहारी सीजन से पहले सड़क और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश, ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर…
नैनीताल। त्योहारी सीजन और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिले की सड़कों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को डीएम कैंप कार्यालय में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उन्होंने अधिकारियों को 15 अक्टूबर तक जनपद की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने की स्पष्ट समयसीमा दी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़कें केवल गड्ढामुक्त ही नहीं, बल्कि सुरक्षित, सुगम और आवागमन के अनुकूल होनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों और अभियंताओं को सड़क मरम्मत कार्यों में तेजी लाने तथा खराब सड़कों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।
डीएम रयाल ने कहा कि त्योहारी सीजन में स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यातायात दबाव वाले क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर सड़क सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जहां सड़कों पर मिट्टी जमा है या निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के कारण सड़क पर मिट्टी फैल रही है, वहां तत्काल सफाई कराई जाए। सड़क पर जमा मिट्टी और अन्य अवरोधों को दुर्घटनाओं का संभावित कारण बताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने ब्लैक स्पॉट, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और अधिक यातायात दबाव वाले स्थानों की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
डीएम ने सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े अभियंताओं से कहा कि सड़क की गुणवत्ता के साथ-साथ जल निकासी, गड्ढों, मिट्टी और अन्य संभावित दुर्घटना कारकों पर भी लगातार नजर रखी जाए।
बैठक में हिट एंड रन मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमानुसार पात्र मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने जिले के अस्पतालों में भी इस संबंध में आवश्यक जानकारी और जागरूकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र परिवारों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को तय समयसीमा में कार्य पूरा करने के साथ ही सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।