उत्तराखंड– देवभूमि में यहां की धरती पर विराजमान हैं प्रथम पूज्य गणेश जी का कटा हुआ सिर.. आप भी पढ़िए

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उत्तराखण्ड की धरती पर एक ऐसा दिव्य स्थान हैं, जो भूतल का सर्वाधिक पूजनीय क्षेंत्र माना जाता है। इस क्षेत्र को पाताल भुवनेश्वर कहा जाता है।

पाताल भुवनेश्वर गुफा का अद्भुत वर्णन स्कंद पुराण में मिलता है, इसी गुफा में भगवान गणेश जी का कटा हुआ सिर आज भी सुरक्षित है। भगवान शिव द्वारा क्रोधवश गणेश जी का सिर एक बार काट दिया गया था इसका विस्तृत वर्णन पुराणों में मिलता है।

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माता पार्वती की विनती पर शिव जी ने फिर से हाथी के शिशु का सिर लगाकर गणेश जी को जीवन प्रदान किया था लेकिन आपके मन में यह प्रश्न उभरता होगा कि गणेश जी का कटा हुआ असली सिर आंखिर कहां गया होगा।

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बारहाल आपको बताते है यह सिर पाताल भुवनेश्वर की गुफा में है सिर के ऊपर अष्टादल कमल भी हैं जिसके प्रभाव से सिर आज भी दिव्य रूप से विराजमान हैं आप भी दर्शन कीजिये।

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