लालकुआं– राजस्व ग्राम की मांग और बिन्दुखत्ता में राजनीतिक रोटियां सेकने वालों के खिलाफ भी लगी गोल्ज्यू दरबार में न्याय की अर्जी….

0
FB_IMG_1675260444655
खबर शेयर करें -

वर्षों से अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा वन भूमि पर बसा बिंदुखत्ता आज भी 50 वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसी जगह पर खड़ा है जहां वर्षों पहले था।


आज भी बिंदुखत्ता वासियों को केवल एक वोट बैंक के रूप में देखा जाता है, जबकि राजस्व गांव के लिए मुद्दा पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश सरकार से लेकर राज्य गठन के लगभग 22 साल बीत जाने के बाद भी आज तक मुद्दा सुलझ पाना तो दूर इस पर गंभीरता से विचार तक नहीं किया गया।


2013 में निर्दलीय विधायक हरिश चंद्र दुर्गापाल के प्रयासों से बिंदुखत्ता को नगर पालिका का दर्जा मिलने पर भारी टैक्स व राजनीतिक गुटबाजी के बीच बिंदुखत्ता का नगरपालिका बनना भी भेंट चढ़ गया और आज स्थिति यह है कि पुनः बिंदुखत्ता आज भी उसी स्थिति पर खड़ा है जहां राज्य गठन के समय खड़ा था।

यह भी पढ़ें:  जनभावनाओं के आगे झुकी सरकार: देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना में पेड़ों की कटाई फिलहाल स्थगित..


गौरतलब है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी किसी ने इस मुद्दे पर जनता की कोई सुध तक नहीं ली। हाल ही में क्षेत्रीय विधायक मोहन बिष्ट द्वारा इस विषय पर पहल तो शुरू की गई, पर वह पहल भी कितनी कारगर होगी यह वक्त के गर्भ में है। बिंदुखत्ता वासियों को उनके मूलभूत अधिकार ना मिल पाना गंभीर विषय इसलिए भी है क्योंकि बिंदुखत्ता की डेढ़ लाख से अधिक आबादी आज लालकुआं सीट का सबसे बड़ा वोट बैंक है पर यह केवल वोट बैंक तक ही सीमित रह गयी हैं।

इसी अन्याय को लेकर “उत्तराखंड युवा एकता मंच” के संयोजक हल्दूचौड़ निवासी पीयूष जोशी जब प्रदेश की विभिन्न मुद्दों को लेकर गोल्ज्यू दरबार में पहुंचे अपने क्षेत्र लालकुआं विधानसभा की सबसे प्रमुख जगह बिंदुखत्ता वासियों के लिए न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज के दरबार मे एक विशेष अर्जी दाखिल की।

यह भी पढ़ें:  उत्तराखंड–जनहित सर्वोपरि: कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत सख्त, विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर दिया जोर...


इस अर्जी में उन्होंने न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज से अपील की कि जिन भ्रष्टाचारी नेताओं, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने बिंदुखत्ता वासियों को बरगला कर अपना राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करने की कोशिश की व आज तक जनता को गुमराह बना रखा है, उन सभी लोगों को न्याय के देवता अपनी अदालत में सजा देते हुए दंडित करें।


साथ ही उन्होंने इस अर्जी में सभी वर्तमान व पूर्व के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों व जनता को सद्बुद्धि देकर राजस्व गांव का दर्जा देकर बिंदुखत्ता वासियों को उनका अधिकार मिल पाए।


आज तक बिंदुखत्ता वासियों को केवल और केवल छला गया है। चाहे पक्ष हो या विपक्ष अपनी राजनीति रोटी सेकने के लिए बिंदुखत्ता राजस्व गांव के मुद्दे को लटकाए हुए हैं।

यह भी पढ़ें:  मुखानी पुलिस का नशे के कारोबार पर प्रहार, 111 पाउच कच्ची शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार...

मुझे लगा कि बिंदुखत्ता वासियों के साथ अन्याय हो रहा है तो प्रदेश की विभिन्न मांगों के साथ एक विशेष अर्जि बिंदुखत्ता वासियों के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध गोल्ज्यू दरबार में दाखिल की व पूरे विधि विधान से गोल्ज्यू दरबार में सबकी सद्बुद्धि के लिए कामना कर पूजा-अर्चना भी की उम्मीद है गोल्ज्यू दरबार में यह अर्जी लगने के बाद बिंदुखत्ता का मसला जल्द हल होगा और जो राजनीतिक दल इसमें अपनी रोटियां सेकना चाह रहे हैं उन सभी को गोल्ज्यू महाराज अपनी अदालत ने दंडित करेंगे– पियूष जोशी संयोजक उत्तराखंड युवा एकता मंच।

Ad Ad Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *