नैनीताल डीएम ललित मोहन रयाल के निर्देश पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, अवैध कब्जा हटाकर पीड़ित महिला को सौंपा गया पैतृक भूमि का कब्जा…

FB_IMG_1786062914870
खबर शेयर करें -

 

हल्द्वानी। नैनीताल जिले में भू-माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक पीड़ित महिला को उसकी पैतृक जमीन वापस दिलाई है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की संवेदनशील पहल और त्वरित हस्तक्षेप के चलते विकासखंड धारी के ग्राम कौल निवासी भगवती देवी की करीब 25 नाली पैतृक भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर उन्हें विधिवत सौंप दिया गया।

 

जानकारी के अनुसार, भगवती देवी की पैतृक जमीन पर लंबे समय से भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा था। न्याय की उम्मीद में उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः उन्होंने अपनी पीड़ा जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के समक्ष रखी।

यह भी पढ़ें:  फरार वारंटी पर बनभूलपुरा पुलिस का शिकंजा, ठिकाने बदलकर बच रहा था आरोपी आखिरकार गिरफ्तार...

 

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने संयुक्त टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और करीब 25 नाली भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर उसका कब्जा भगवती देवी को सौंप दिया।

यह भी पढ़ें:  महापौर गजराज सिंह बिष्ट की बड़ी पहल: नगर निगम बोर्ड की बैठक में 16 अहम फैसलों पर मुहर, डिजिटल यूजर चार्ज ऐप भी लॉन्च...

 

वर्षों बाद अपनी पैतृक जमीन वापस मिलने पर भगवती देवी भावुक हो गईं। उन्होंने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार न्याय मिला है।

 

इस दौरान जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें:  लगातार बारिश पर मुख्यमंत्री धामी अलर्ट, सभी जिलों में हाई अलर्ट के निर्देश; जनहानि रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता...

 

डीएम की इस कार्रवाई को जिले में भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन की बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। इससे साफ संकेत गया है कि अब अवैध कब्जेदारों की दबंगई नहीं चलेगी और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Ad Ad Ad