हल्द्वानी डकैती कांड का खुलासा: जुए में हारी रकम की भरपाई के लिए रची थी लाखों की डकैती, हथियारबंद बदमाशों ने गोरापड़ाव में मचाई थी सनसनी, दो आरोपी गिरफ्तार; पिस्टल-तमंचे, कारतूस और लूटी रकम बरामद…
हल्द्वानी। गोरापड़ाव में हथियारों के बल पर हुई लाखों रुपये की डकैती का नैनीताल पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू और रखवीर सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी, हथियार और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, वारदात के पीछे जुए में हारी रकम की भरपाई करने की साजिश सामने आई है।
19 अगस्त की शाम डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र के गोरापड़ाव में 10-12 हथियारबंद लोगों ने लूटपाट की है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद अम्बा बिहार, तीनपानी निवासी नारायण दास की तहरीर पर कोतवाली हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज किया गया। तहरीर के मुताबिक नकाबपोश बदमाश कार्यालय/गैराज में घुसकर करीब आठ लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन और सोने की चेन व अंगूठियां लूट ले गए थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल करीब 50 अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की। एसपी क्राइम/ट्रैफिक, एसपी हल्द्वानी, एएसपी/सीओ हल्द्वानी, सीओ लालकुआं के साथ थाना पुलिस, एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस और डॉग स्क्वायड को जांच में लगाया गया।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और सर्विलांस के माध्यम से संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू निवासी सितारगंज और रखवीर सिंह निवासी शीशगढ़, बरेली को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों का संपर्क किच्छा निवासी यश सिडाना से था। पुलिस का दावा है कि यश सिडाना जुए में लाखों रुपये हार चुका था और आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। इसी दौरान गोरापड़ाव में बड़े स्तर पर जुआ खेले जाने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद आरोपियों ने मिलकर डकैती की योजना बनाई। कथित तौर पर तय हुआ कि लूट की रकम से जुए में हारी रकम की भरपाई की जाएगी और बची रकम को आपस में बांट लिया जाएगा। वारदात से पहले आरोपियों ने घटनास्थल की रेकी की और अन्य लोगों को भी योजना में शामिल किया।
पुलिस के मुताबिक, योजना के तहत आरोपी नकाब पहनकर हथियारों के साथ वादी के कार्यालय/गैराज में पहुंचे और लोगों को हथियारों के बल पर डराकर नकदी, मोबाइल और सोने के आभूषण लूट लिए। वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए और लूटी गई रकम आपस में बांट ली।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने लूटे गए मोबाइल फोन रास्ते में ही फेंक दिए, ताकि पुलिस को डिजिटल साक्ष्य न मिल सकें। हालांकि सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस ने वंशप्रीत सिंह के कब्जे से 31 हजार रुपये नकद और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। मामले में बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2) और 317(3) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने संगठित तरीके से अपराध किए जाने के पहलू से भी आगे की कार्रवाई की बात कही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रखवीर सिंह का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ केलाखेड़ा, दिनेशपुर, रुद्रपुर और नानकमत्ता थानों में हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, मारपीट, धमकी, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, वंशप्रीत सिंह का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
एसएसपी नैनीताल ने डकैती के शीघ्र खुलासे में जुटी पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करते हुए 2500 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है। पुलिस अब वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई शेष संपत्ति की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।