बिग ब्रेकिंग–SIR अभियान में बड़े नामों तक पहुंची जांच: कुमाऊं आयुक्त, सिटी मजिस्ट्रेट और विधायक को भी सत्यापन नोटिस…
हल्द्वानी। निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की कवायद तेज हो गई है। इस अभियान के दौरान हल्द्वानी के सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और नैनीताल विधायक सरिता आर्या समेत कई प्रमुख लोगों के अभिलेखों का भी सत्यापन किया जा रहा है। निर्वाचन विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमित है और सभी मतदाताओं पर समान रूप से लागू होती है।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी को मतदाता सूची में पिता के नाम से संबंधित विसंगति पाए जाने पर बीएलओ की ओर से नोटिस जारी किया गया है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनके पिता का नाम जेपी बाजपेयी दर्ज था, जबकि वर्तमान दस्तावेजों में जगदीश प्रसाद बाजपेयी अंकित है। इसी अंतर को स्पष्ट करने के लिए उनसे आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया है। मामले की सुनवाई बुधवार को प्रस्तावित है।
इसी अभियान के दौरान कुमाऊं मंडल के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के रिकॉर्ड में भी नाम संबंधी विसंगति सामने आई। पुराने रिकॉर्ड में उनका नाम अधूरा दर्ज था, जबकि वर्तमान मतदाता सूची में पूरा नाम अंकित होने के कारण सत्यापन किया गया। अधिकारी ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराकर रिकॉर्ड का संशोधन करा लिया है।
नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में चल रहे सत्यापन अभियान के दौरान बीएलओ कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, विधायक सरिता आर्या और शहर के कई प्रमुख नागरिकों के आवासों पर भी पहुंचे। विधायक सरिता आर्या तथा उनके परिवार से आवश्यक जानकारी और दस्तावेज लिए गए। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया किसी विशेष व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि प्रत्येक मतदाता के लिए समान रूप से लागू की जा रही है।
नैनीताल के एसडीएम नवाजिश खालिक ने बताया कि एसआईआर अभियान के अंतर्गत प्राप्त आपत्तियों और शिकायतों पर सुनवाई शुरू कर दी गई है। अधिकांश मामलों में नाम, पता, आयु अथवा अन्य विवरणों में त्रुटियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम स्वतः रिकॉर्ड में मौजूद विसंगतियों की पहचान कर संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर रहा है, ताकि समय रहते आवश्यक संशोधन किए जा सकें।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार उत्तराखंड में अब तक करीब 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की त्रुटियां चिन्हित की गई हैं। इन सभी को चरणबद्ध तरीके से नोटिस भेजे जा रहे हैं। वहीं करीब 5.26 लाख मतदाताओं का सत्यापन कार्य अभी बाकी है, जिसे बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से पूरा किया जा रहा है।
निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि मतदाता सूची में नाम, पता, आयु या अन्य विवरण में कोई त्रुटि हो तो फॉर्म-8 के माध्यम से संशोधन कराएं। नए मतदाता फॉर्म-6 के जरिए अपना नाम दर्ज करा सकते हैं, जबकि किसी नाम को हटाने अथवा अन्य आपत्तियों के लिए फॉर्म-7 का उपयोग किया जा सकता है। 14 जुलाई से शुरू हुआ विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 13 अगस्त तक जारी रहेगा।
