बिग ब्रेकिंग–कॉर्बेट में वॉकी-टॉकी ले जाना पड़ा भारी, नियम तोड़ने पर पर्यटक 6 महीने के लिए प्रतिबंधित…

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रामनगर। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में वन्यजीव सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन का एक गंभीर मामला सामने आया है। झिरना जोन में सफारी के दौरान वॉकी-टॉकी के इस्तेमाल से पार्क प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने दोषी पर्यटक पर कड़ी कार्रवाई की है।

 

 

 

घटना 10 दिसंबर 2025 की है, जब झिरना जोन में प्रातःकालीन सफारी के दौरान एक पर्यटक द्वारा बिना अनुमति रेडियो फ्रीक्वेंसी उपकरण (वॉकी-टॉकी) का प्रयोग किया गया। इसकी सूचना मिलते ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए।

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जांच के दौरान ईको टूरिज्म यूनिट द्वारा संबंधित पर्यटक और वाहन चालक के लिखित बयान दर्ज किए गए। वाहन चालक ने स्पष्ट किया कि उसे पीछे बैठे पर्यटक द्वारा वॉकी-टॉकी के उपयोग की कोई जानकारी नहीं थी। वहीं, पर्यटक ने उपकरण साथ ले जाने की बात स्वीकार करते हुए नियमों से अनभिज्ञता का हवाला दिया, जिसे प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया।

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कॉर्बेट प्रशासन के अनुसार, संरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी प्रकार के रेडियो फ्रीक्वेंसी संचार उपकरणों का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे उपकरण वन्यजीवों की गतिविधियों को प्रभावित करने के साथ-साथ पार्क की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा बन सकते हैं।

 

 

 

मामले को गंभीर मानते हुए प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) / मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखंड द्वारा जारी पर्यटन गाइडलाइन (दिनांक 02.12.2013) के तहत दोषी पर्यटक को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 6 माह के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही पर्यटक को पार्क में प्रवेश के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

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घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि पर्यटक नियमों के प्रति कितने सजग हैं। वहीं, कॉर्बेट प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि वन्यजीव संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

 

 

 

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