बिग ब्रेकिंग–ब्रिटिशकालीन पनचक्की की सरकारी भूमि पर शौचालय निर्माण की मांग तेज, पार्षद शैलेन्द्र सिंह दानू बोले—अतिक्रमण हटाकर तत्काल शुरू हो निर्माण कार्य…
हल्द्वानी, 2 जुलाई। हीरानगर (जेल रोड) में सार्वजनिक शौचालय निर्माण की लंबे समय से चली आ रही मांग एक बार फिर जोर पकड़ गई है। वार्ड संख्या 17 के पार्षद शैलेन्द्र सिंह दानू ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि एक वर्ष से अधिक समय से लगातार पत्राचार, जनसुनवाई, विभागीय बैठकों और संयुक्त स्थलीय निरीक्षण के बावजूद आज तक न तो अतिक्रमण हटाया गया है और न ही शौचालय निर्माण का कार्य शुरू हो सका है।
पार्षद दानू ने गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि हीरानगर स्थित सिंचाई विभाग की ब्रिटिशकालीन पनचक्की एवं उससे संबंधित सरकारी भूमि को सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान के रूप में चिन्हित किया गया था। क्षेत्र की बढ़ती आबादी, बाजार, महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों की सुविधा को देखते हुए स्थानीय लोगों ने इस मांग को जनहित का महत्वपूर्ण विषय बनाया।
उन्होंने बताया कि 1 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी नैनीताल तथा 18 अगस्त 2025 को नगर आयुक्त हल्द्वानी-काठगोदाम को इस संबंध में औपचारिक पत्र सौंपे गए। इसी दौरान प्रस्तावित भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण की शिकायतें भी सामने आईं, जिसके बाद सिंचाई विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई।
पार्षद के अनुसार, जनभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जनसुनवाई और बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा की तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए। जांच के दौरान सिंचाई विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित स्थल पर उसकी कोई सक्रिय परिसंपत्ति नहीं है और यदि राजस्व अभिलेखों के अनुसार भूमि उपलब्ध होती है तो सार्वजनिक शौचालय निर्माण पर विभाग को कोई आपत्ति नहीं होगी।
इसके बाद नगर निगम ने 2 दिसंबर 2025 को संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराया, जिसमें संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की संभावनाओं का आकलन किया। वहीं सिंचाई विभाग ने सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए नोटिस भी जारी किए, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।
पार्षद शैलेन्द्र सिंह दानू ने कहा कि सरकारें स्वच्छता, महिला सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने का दावा करती हैं, लेकिन हीरानगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा का वर्षों तक लंबित रहना प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाता है।
उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और सिंचाई विभाग से मांग की कि अब तक हुए समस्त पत्राचार, निरीक्षण रिपोर्टों और विभागीय संस्तुतियों के आधार पर शीघ्र अंतिम निर्णय लेते हुए अतिक्रमण हटाया जाए तथा सार्वजनिक शौचालय निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए।
पार्षद ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि हजारों नागरिकों की सुविधा, स्वच्छता और सम्मान से जुड़ा हुआ है।
