हल्द्वानी डकैती कांड का खुलासा: चार और नकाबपोश गिरफ्तार, चार तमंचे और लूटी रकम बरामद, एसएसपी मंजूनाथ टीसी की ताबड़तोड़ कार्रवाई, क्रेटा–स्कॉर्पियो समेत 4 अवैध तमंचे और 7 जिंदा कारतूस बरामद…
नैनीताल। हल्द्वानी के गोरापड़ाव-तीनपानी क्षेत्र में हथियारों के बल पर लाखों रुपये की डकैती डालने वाले गिरोह के खिलाफ नैनीताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर गठित करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम ने लगातार सुरागरसी, सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
इस कार्रवाई के साथ ही डकैती कांड में अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त क्रेटा और स्कॉर्पियो वाहन, चार अवैध तमंचे, सात जिंदा कारतूस और 18 हजार रुपये की नकदी बरामद की है।
19 अगस्त 2026 की शाम डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र के गोरापड़ाव में 10-12 हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
वादी नारायण दास निवासी अम्बा बिहार, तीनपानी, हल्द्वानी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि करीब 10 अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने गोरापड़ाव-तीनपानी स्थित उनके कार्यालय/गैराज में घुसकर डकैती डाली। बदमाश करीब 8 लाख रुपये की नकदी, 12 मोबाइल फोन, तीन सोने की चेन, अंगूठियां समेत अन्य सामान लूटकर फरार हो गए थे। मामले में कोतवाली हल्द्वानी में एफआईआर संख्या 284/26 के तहत धारा 310(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की। टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी सहित विभिन्न थाना प्रभारी, एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञ शामिल किए गए।
एसएसपी ने स्वयं घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर घटना के संबंध में मौजूद लोगों से जानकारी ली और पुलिस टीमों को अलग-अलग टास्क सौंपते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही सर्विलांस के जरिए आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। लगातार की गई कार्रवाई के दौरान 21 अगस्त को वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू और रखवीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों को उत्तराखंड समेत दूसरे राज्यों में भी दबिश के लिए रवाना किया गया। इसी क्रम में पुलिस ने यश सिडाना को 23 अगस्त को हल्द्वानी से, अमनदीप सिंह और शिवराज सिंह को 22 अगस्त को नई दिल्ली के डीएनडी फ्लाईओवर जैतपुर मोड़ से तथा अफजल मलिक को 23 अगस्त को किच्छा से गिरफ्तार किया।
यश सिडाना के कब्जे से क्रेटा कार संख्या UK-06-BE-9091 और 315 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। अमनदीप सिंह से स्कॉर्पियो कार संख्या DL-1CA-1984, 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। शिवराज सिंह के कब्जे से 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। अफजल मलिक से 18 हजार रुपये नकद, 12 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने डकैती की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार आरोपी यश सिडाना के खिलाफ किच्छा थाने में वर्ष 2022 में धारा 323, 341, 504 और 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज है। अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
डकैती की गंभीर घटना का तेजी से खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने टीम को 2500 रुपये के पुरस्कार से पुरस्कृत किया।
नैनीताल पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि गोरापड़ाव डकैती कांड में शामिल फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस लगातार दबिश और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।