हरिद्वार में किराये की मनमानी पर परिवहन विभाग का शिकंजा, 3 किलोमीटर के सफर के मांगे ₹300, यात्री बनकर निकले ARTO तो सामने आई किराये की मनमानी…

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हरिद्वार। धर्मनगरी में ऑटो और विक्रम चालकों द्वारा यात्रियों से अधिक किराया वसूलने की शिकायतों की पड़ताल के लिए परिवहन विभाग ने अचानक जांच अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों ने आम यात्री का रूप लेकर सार्वजनिक वाहनों में सफर किया, जहां निर्धारित किराये से कई गुना अधिक रकम मांगे जाने का मामला सामने आया।

 

रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन तक करीब तीन किलोमीटर की यात्रा के दौरान एक विक्रम चालक ने एआरटीओ निखिल शर्मा से ₹300 किराये की मांग कर दी। विभाग के अनुसार, इस मार्ग का तय किराया करीब ₹50 है। यानी कुछ ही किलोमीटर की दूरी के लिए निर्धारित दर से कई गुना अधिक राशि मांगी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने दो विक्रम वाहनों को कब्जे में लेकर कार्रवाई की।

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जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा और एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई हुई। विभाग ने जांच के दौरान 105 वाहनों के चालान किए, जबकि 25 वाहनों को जब्त किया गया।

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अभियान में नियमों की अनदेखी के कई मामले सामने आए। एक ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक सवारियां मिलीं, जबकि दो ई-रिक्शा बिना पंजीकरण के संचालित होते पाए गए। इन वाहनों को भी विभाग ने जब्त कर लिया।

 

परिवहन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों से तय दर से अधिक किराया लेना, क्षमता से ज्यादा सवारियां बैठाना और बिना वैध पंजीकरण के वाहन चलाना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में आगे भी अचानक जांच और कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।

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इस कार्रवाई ने शहर में यात्रियों से वसूले जाने वाले किराये को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब विभागीय अधिकारी से ही करीब तीन किलोमीटर के सफर के लिए ₹300 मांगे गए, तो बाहर से आने वाले यात्रियों से वास्तविक किराया कितना लिया जाता होगा, यह जांच का अहम विषय बन गया है।

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