वैज्ञानिक से IPS अधिकारी तक का सफर: डॉ. जगदीश चन्द्र को मिली बड़ी उपलब्धि, भारतीय पुलिस सेवा में हुआ प्रमोशन…

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नैनीताल के एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चन्द्र की मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा को मिला सम्मान, मुख्यमंत्री धामी और DGP दीपम सेठ ने IPS बैच लगाकर दी बधाई..

 

नैनीताल। प्रतिभा, मेहनत और समर्पण के दम पर सफलता की नई मिसाल पेश करने वाले उत्तराखंड पुलिस के अधिकारी डॉ. जगदीश चन्द्र को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति मिली है। वर्तमान में नैनीताल जिले में पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात के पद पर तैनात डॉ. चन्द्र की इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उन्हें सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने उन्हें IPS बैच अलंकृत कर शुभकामनाएं दीं।

 

डॉ. जगदीश चन्द्र की सफलता की कहानी काफी प्रेरणादायी है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वैज्ञानिक के रूप में की थी। वर्ष 2002 से 2005 तक भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE), देहरादून में वैज्ञानिक के पद पर कार्य किया। इस दौरान उन्होंने रांची और दार्जिलिंग में भी अपनी सेवाएं दीं।

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वर्ष 2005 में राज्य पुलिस सेवा में शामिल होने के बाद उन्होंने देहरादून, चमोली और ऊधमसिंह नगर जनपदों में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2013 में उन्हें अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली। इसके बाद नगर पुलिस अधीक्षक देहरादून, काशीपुर और हल्द्वानी के साथ ही 31वीं वाहिनी तथा IRB-1 में उप सेनानायक के रूप में भी सेवाएं दीं।

 

डॉ. जगदीश चन्द्र का शैक्षणिक सफर भी उनकी प्रतिभा और मेहनत को दर्शाता है। उन्होंने गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से पर्यावरण विज्ञान में एमएससी तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली से एम.फिल और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।

 

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें ICAR-JRF, CSIR-UGC JRF/SRF और JRF-NET (Earth Sciences) जैसी प्रतिष्ठित छात्रवृत्तियां भी मिलीं। इतना ही नहीं, वर्ष 2025 में उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से मनोविज्ञान विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री भी हासिल की।

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पुलिस सेवा के दौरान डॉ. जगदीश चन्द्र ने कई महत्वपूर्ण अभियानों और आयोजनों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। गंभीर अपराधों के खुलासे से लेकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।

 

– कुंभ मेला ड्यूटी में महत्वपूर्ण योगदान।

– नंदा राजजात यात्रा के सफल आयोजन में अहम भूमिका।

– उत्तराखंड पुलिस बैंड के गठन एवं स्थापना में योगदान।

– कोरोना महामारी के दौरान समर्पण और निष्ठा के साथ पुलिस सेवाओं का निर्वहन।

 

उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मिल चुके हैं कई सम्मान..

डॉ. जगदीश चन्द्र को उनकी कार्यकुशलता और सराहनीय सेवाओं के लिए समय-समय पर सम्मानित भी किया गया है।

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वर्ष 2016: नंदा राजजात यात्रा में उत्कृष्ट योगदान के लिए सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न।

वर्ष 2020: कोविड-19 महामारी के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न।

वर्ष 2025: भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से पुलिस पदक (मेधावी सेवा)।

 

वर्ष 2026 में भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति डॉ. जगदीश चन्द्र के लंबे सेवाकाल, निरंतर मेहनत, शैक्षणिक उत्कृष्टता और कर्तव्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। वैज्ञानिक के रूप में अपने करियर की शुरुआत कर पुलिस सेवा में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल करना उनकी बहुआयामी प्रतिभा को दर्शाता है।

 

डॉ. जगदीश चन्द्र की यह उपलब्धि न केवल उत्तराखंड पुलिस के लिए गौरव का विषय है, बल्कि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।

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