पत्रकारों की समस्याओं के समाधान और सुविधाओं को लेकर ध्रुव रौतेला गंभीर, जिला सूचना कार्यालय का किया निरीक्षण…
पत्रकारों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में न हो कोई परेशानी, सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में तेजी लाने के दिए निर्देश..
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ध्रुव रौतेला ने शनिवार को जिला सूचना कार्यालय देहरादून का निरीक्षण कर विभागीय व्यवस्थाओं और पत्रकारों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए पत्रकारों के हितों को प्राथमिकता देने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान ध्रुव रौतेला ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। ऐसे में सरकार की ओर से पत्रकारों के हित में संचालित योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सभी पात्र मीडिया प्रतिनिधियों तक सरलता और सहजता से पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पत्रकारों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन्हें शासन स्तर पर उठाकर समयबद्ध तरीके से समाधान कराने का प्रयास किया जाए।
उन्होंने जिला सूचना कार्यालय के बजट आवंटन और विभिन्न विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सांस्कृतिक दलों के माध्यम से सरकारी योजनाओं और जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने कार्यालय के विभिन्न अनुभागों और पटलों का निरीक्षण किया। साथ ही स्थायी एवं अस्थायी कर्मचारियों से बातचीत कर उनके कार्यों, जिम्मेदारियों और कार्यस्थल पर आ रही समस्याओं की जानकारी भी ली।
जिला सूचना अधिकारी प्रियंका जोशी ने उपाध्यक्ष को कार्यालय की कार्यप्रणाली, विभागीय गतिविधियों और अब तक किए गए कार्यों की प्रगति से विस्तारपूर्वक अवगत कराया।
ध्रुव रौतेला ने कहा कि सूचना विभाग की भूमिका सरकार और जनता के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने में बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, सक्रियता और बेहतर समन्वय के साथ काम किया जाना चाहिए, ताकि पत्रकारों को सुविधाएं मिलने के साथ ही सरकारी योजनाओं की जानकारी भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

