रक्षा सूत्र से मजबूत हुआ विश्वास, जनसेवा के संकल्प के साथ SSP नैनीताल ने मनाया रक्षाबंधन…
नैनीताल। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर नैनीताल पुलिस कार्यालय में भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प की भावपूर्ण झलक देखने को मिली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने इस अवसर पर समस्त जनपदवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
रक्षाबंधन के अवसर पर SSP नैनीताल की पीआरओ हेमा ऐठानी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस आत्मीय अवसर ने पुलिस और समाज के बीच विश्वास एवं अपनत्व के रिश्ते को और मजबूत किया।
इस दौरान SSP डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व नहीं है, बल्कि यह रक्षा, जिम्मेदारी और विश्वास के संकल्प का भी प्रतीक है। नैनीताल पुलिस इसी भावना के अनुरूप जनपदवासियों की सुरक्षा, सम्मान और विश्वास की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
वहीं, ब्रह्माकुमारी बहनों ने भी पुलिस अधिकारियों और जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह, सम्मान और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। ब्रह्माकुमारी बहनों ने SSP नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी., पुलिस अधीक्षक अपराध/यातायात डॉ. जगदीश चंद्र, अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित सैनी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों को रक्षा सूत्र बांधा।
राखी बांधते हुए ब्रह्माकुमारी बहनों ने पुलिस कर्मियों के समर्पण और सेवाभाव की सराहना की। पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने भी इस आत्मीय पहल के लिए उनका आभार व्यक्त किया। पुलिस कार्यालय में कुछ समय के लिए माहौल पूरी तरह आत्मीय और भावनात्मक नजर आया।
SSP डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने कहा कि जनसेवा एवं जनसुरक्षा नैनीताल पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करे और पुलिस के प्रति उसका विश्वास लगातार मजबूत हो, इसके लिए नैनीताल पुलिस पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है।
उन्होंने जनपदवासियों से रक्षाबंधन का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक समरसता के साथ मनाने की अपील की। साथ ही सभी के सुख, समृद्धि, खुशहाली और सुरक्षित जीवन की कामना की।
रक्षाबंधन के इस अवसर पर पुलिस की कलाई पर बंधा रक्षा सूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और विश्वास की जिम्मेदारी को और मजबूती देने वाला भावनात्मक संकल्प बनकर सामने आया।