गोरापड़ाव डकैती कांड में पुलिस का बड़ा धमाका, 8 लाख की लूट में 2 और शातिर गिरफ्तार, तमंचे-कारतूस और 1.40 लाख नकदी बरामद, हल्द्वानी–पंतनगर एयरपोर्ट के पीछे दबोचे गए दोनों आरोपी, वारदात में इस्तेमाल वर्ना कार भी मिली…

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नैनीताल–हल्द्वानी के बहुचर्चित गोरापड़ाव डकैती कांड में नैनीताल पुलिस ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। 10 हथियारबंद बदमाशों द्वारा दिनदहाड़े डकैती की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के मामले में पुलिस ने दो और वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, चार जिंदा कारतूस, डकैती में लूटी गई 1 लाख 40 हजार रुपये की नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई वरना कार बरामद हुई है।

 

पुलिस की लगातार दबिश और तकनीकी साक्ष्यों की कड़ी जोड़ते-जोड़ते आखिरकार दोनों आरोपी 27 अगस्त को हल्द्वानी-पंतनगर एयरपोर्ट के पीछे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पूछताछ में दोनों ने गोरापड़ाव डकैती में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

 

19 अगस्त 2026 को डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि गोरापड़ाव क्षेत्र में 10-12 हथियारबंद लोगों ने लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया है। सूचना मिलते ही हल्द्वानी पुलिस मौके पर पहुंची।

 

वादी नारायण दास निवासी अम्बा बिहार, तीनपानी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि Kiy शोरूम के पीछे स्थित उनके कार्यालय/गैराज में हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने वादी और उसके परिचितों से करीब 8 लाख रुपये की नकदी, 12 मोबाइल फोन, सोने की तीन चेन, अंगूठियां सहित अन्य सामान लूट लिया और मौके से फरार हो गए।

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इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 284/26 धारा 310(2) बीएनएस के तहत 10 अज्ञात बंदूकधारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

 

 

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने खुद मामले की कमान संभाली। करीब 50 अधिकारी और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की गई। एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी अमित कुमार सैनी सहित थाना पुलिस, SOG, साइबर टीम, क्राइम स्पेशलिस्ट, BDS/डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों को जांच में लगाया गया।

 

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। एक-एक संदिग्ध की गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल की गई।

 

 

जांच के दौरान पुलिस ने यश सिडाना, वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू, रखवीर सिंह, अमनदीप सिंह, शिवराज सिंह और अफजल मलिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद पुलिस की निगाहें फरार अन्य आरोपियों पर थीं।

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लगातार सुरागरसी, पतारसी, CCTV फुटेज और सर्विलांस के जरिए पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंचती रही। आखिरकार 27 अगस्त को तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर हल्द्वानी-पंतनगर एयरपोर्ट के पीछे से दो और शातिर आरोपियों को दबोच लिया गया।

 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहब सिंह उर्फ साबी और गुरवन्त सिंह उर्फ गोपी के रूप में हुई है। साहब सिंह उर्फ साबी के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, लूटी गई रकम में से 89,700 रुपये और घटना में प्रयुक्त वरना कार बरामद की गई।

 

वहीं गुरवन्त सिंह उर्फ गोपी के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और लूटी गई रकम में से 50,300 रुपये बरामद हुए।

 

दोनों के पास से कुल 1,40,000 रुपये की लूटी गई नकदी, दो तमंचे, चार जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल वरना कार बरामद होने के बाद मुकदमे में धारा 317(2) BNS और 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है।

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पुलिस के अनुसार साहब सिंह उर्फ साबी के खिलाफ नानकमत्ता, केलाखेड़ा, दिनेशपुर और रामनगर थानों में हत्या के प्रयास, मारपीट, बलवा, आगजनी, धमकी और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

 

गुरवन्त सिंह उर्फ गोपी के खिलाफ भी थाना नानकमत्ता में हत्या के प्रयास, बलवा, मारपीट और आर्म्स एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। दोनों के अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी भी पुलिस जुटा रही है।

 

गोरापड़ाव जैसे चर्चित डकैती कांड में लगातार कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम की मेहनत रंग लाई है। टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने पुलिस टीम को 2,500 रुपये के पुरस्कार से पुरस्कृत किया।

 

गोरापड़ाव डकैती कांड में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई से साफ है कि फरार बाकी आरोपियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है। पुलिस की जांच जारी है और माना जा रहा है कि पूछताछ में डकैती की पूरी साजिश और फरार आरोपियों से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

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