बिग ब्रेकिंग/ऊधमसिंहनगर–मुख्यमंत्री के निर्देश पर हरकत में आया प्रशासन, पंकज भट्ट की भूमि समस्या के समाधान का रास्ता साफ..
रुद्रपुर में जनसुनवाई के दौरान उठी शिकायत पर डीएम नितिन सिंह भदौरिया की त्वरित पहल, स्वामित्व अभिलेख में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू; वाद दायर करने के खर्च में भी मिलेगा सहयोग।
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने भूमि संबंधी शिकायत के निस्तारण की दिशा में तेजी से कदम उठाए हैं। रुद्रपुर दौरे के दौरान जनसुनवाई में सामने आई पंकज भट्ट की शिकायत पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों से वार्ता की और समस्या के समाधान का रास्ता निकाला।
शिकायतकर्ता पंकज भट्ट ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया था कि ग्राम देवला तल्ला पजाया, तहसील हल्द्वानी में स्वामित्व योजना के तहत 22 नवंबर 2022 को जारी अभिलेखों में उनके दो चाचा गोपाल दत्त और देवी दत्त पुत्रगण हरिदत्त के नाम कुल 240 वर्गमीटर भूमि दर्ज है। वहीं, उनके तीसरे चाचा भैरव दत्त का वर्ष 2006 में निधन हो गया था। भैरव दत्त के इकलौते पुत्र पंकज भट्ट का आरोप था कि उनके हिस्से की आबादी की भूमि पर उनकी सहमति के बिना राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय कुंवरपुर का निर्माण कर दिया गया। इतना ही नहीं, 110 वर्गमीटर भूमि की स्वामित्व खतौनी भी चिकित्सालय के नाम जारी कर दी गई।
मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने उपजिलाधिकारी हल्द्वानी से वार्ता कर प्रकरण की जानकारी ली। अधिकारियों के बीच हुई बातचीत में दोनों चाचाओं के नाम दर्ज 240 वर्गमीटर भूमि में उपलब्ध रिक्त भूमि को शिकायतकर्ता के हिस्से के रूप में समायोजित करते हुए उसी स्वामित्व अभिलेख में पंकज भट्ट का नाम दर्ज कराने पर सहमति बनी।
प्रकरण के समाधान के लिए धारा 54 के अंतर्गत अधिवक्ता के माध्यम से वाद दायर कराने के निर्देश रजिस्ट्रार कानूनगो को दिए गए हैं। खास बात यह है कि वाद दायर करने में आने वाले खर्च में भी प्रशासन की ओर से सहयोग करने पर सहमति जताई गई है।
प्रशासन की इस त्वरित पहल से शिकायतकर्ता पंकज भट्ट ने संतोष जताया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी की सक्रियता से लंबे समय से चली आ रही भूमि संबंधी समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। यह कार्रवाई जनसमस्याओं के प्रति प्रशासन की जवाबदेही और त्वरित निस्तारण के प्रयासों को भी दर्शाती है।

