जनसुनवाई में आयुक्त दीपक रावत का कड़ा रुख, कई मामलों का मौके पर निस्तारण, भूमि विवाद, अतिक्रमण और आमजन की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई; पीड़ितों को मिली तत्काल राहत…

नैनीताल। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने कैंप कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, अतिक्रमण और आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी शिकायतें आयुक्त के समक्ष रखीं, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया गया।
काशीपुर निवासी लीला देवी ने शिकायत की कि उन्हें प्लॉट का पूरा रकबा उपलब्ध नहीं कराया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त दीपक रावत ने संबंधित बिल्डर को तलब किया और पीड़िता को उसी कॉलोनी में मूल रकबे के बराबर दूसरी जगह जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आयुक्त के हस्तक्षेप से लीला देवी को तत्काल राहत मिली।
इसी तरह रुद्रपुर से जुड़े भूमि विवाद के मामले में आयुक्त ने संबंधित पक्षों को सात दिन के भीतर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि संबंधी मामलों में अनावश्यक देरी और लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
ऐतिहासिक चित्रेश्वर धाम परिसर में अतिक्रमण की शिकायत पर भी आयुक्त ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर मामले की जांच करने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान गोलापार निवासी कंचन बिष्ट की दिव्यांग प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्या का भी तत्काल संज्ञान लिया गया। आयुक्त के निर्देश पर मौके पर ही समस्या का समाधान कर उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर उन्हें सौंप दिया गया।
आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक प्रकरण में प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।