गैरसैंण को प्राथमिकता, एक साल में दो बार विधानसभा सत्र; विपक्ष के हंगामे पर सरकार ने उठाए सवाल, सीएम धामी बोले—जनता की समस्याओं पर चर्चा के लिए है विधानसभा, हंगामा करने के लिए नहीं….
गैरसैंण (भराड़ीसैंण)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण को प्रदेश की जनभावनाओं और विकास से जोड़ते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पिछले पांच वर्षों में गैरसैंण को विशेष प्राथमिकता दी है। राज्य के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने एक ही वर्ष में गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में दो बार विधानसभा सत्र आयोजित किए हैं। उन्होंने इसे गैरसैंण के विकास और प्रदेश की भावनाओं के सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां प्रदेश के विकास, जनहित और आम जनता की समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीर एवं सार्थक चर्चा होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों को जनता ने अपनी समस्याओं को सदन में उठाने और उनके समाधान का रास्ता तलाशने के लिए चुना है।
उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सदन में लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित होना दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए जनहित के मुद्दों पर चर्चा में भाग लेना चाहिए, ताकि जनता से जुड़े विषयों पर प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन प्रदेश के विकास और जनता के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। सरकार की प्राथमिकता राज्य के विकास को गति देना, जनभावनाओं का सम्मान करना और जनता से जुड़े विषयों पर गंभीरता से काम करना है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के जरिए सरकार ने गैरसैंण को प्राथमिकता देने के अपने प्रयासों को रेखांकित करने के साथ ही विपक्ष से सदन की गरिमा बनाए रखने और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।

