उत्तराखंड में फिल्म प्रेमियों और निर्माताओं के लिए बड़ी राहत, राज्य में फिल्म शूटिंग पर SGST की भरपाई करेगा सरकार, मल्टीप्लेक्स-सिनेमाघरों को मिलेगा लाभ…

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में फिल्म शीर्षक ‘हनुमान अंश’ को लेकर जारी शासनादेश के तहत मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन एवं टिकट बिक्री पर राज्य के भीतर जमा किए जाने वाले एसजीएसटी (SGST) की प्रतिपूर्ति किए जाने का निर्णय लिया गया है।
महानिदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग/मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद की ओर से 15 सितंबर 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अवधि में मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों द्वारा नियमित रूप से एसजीएसटी तथा सीजीएसटी का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, ग्राहक से टिकट बिक्री के दौरान एसजीएसटी की राशि वसूल नहीं की जाएगी। टिकटों पर ‘उत्तराखंड सरकार के आदेश से SGST not Collected’ अंकित किया जाना भी अनिवार्य होगा।
सरकार ने योजना की शर्तें भी स्पष्ट कर दी हैं। यदि मल्टीप्लेक्स या सिनेमाघर द्वारा बिक्री बिल में दर्शाए गए एसजीएसटी को ग्राहक से वसूल लिया गया है, तो ऐसी स्थिति में इस योजना के तहत एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति नहीं की जाएगी। साथ ही मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों को कानून एवं नियमों के अनुसार रिटर्न दाखिल करना होगा तथा बिक्री बिल में दर्शाई गई आपूर्ति पर निर्धारित एसजीएसटी और सीजीएसटी जमा करना होगा।
प्रतिपूर्ति का दावा करने के लिए मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों को फिल्म प्रदर्शन एवं बिक्री किए गए टिकटों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा, शासनादेश जारी होने की तिथि से तीन माह तक सिनेमाघर के टिकटों पर भुगतान किए गए एसजीएसटी का विवरण भी उपलब्ध कराना होगा। ग्राहकों से एसजीएसटी वसूल नहीं किए जाने का प्रमाण भी देना अनिवार्य होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिपूर्ति केवल निर्धारित अवधि में फिल्म के प्रदर्शन पर भुगतान किए गए एसजीएसटी तक ही सीमित रहेगी। निर्धारित अवधि से पहले अथवा बाद में फिल्म प्रदर्शन पर भुगतान किए गए एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति नहीं की जाएगी। योजना से संबंधित व्यवस्थाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा किया जाएगा।
उत्तराखंड सरकार के इस फैसले को प्रदेश में फिल्म निर्माण और सिनेमाघरों को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।