हल्द्वानी में आयुक्त ने सुनीं जनता की समस्याएं, भूमि विवाद से लेकर वेतन, भरण-पोषण और आर्थिक सहायता तक के मामलों में दिए निर्देश; कई शिकायतों का आपसी सहमति से मौके पर समाधान…
हल्द्वानी। आम जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित कैम्प कार्यालय में जनसुनवाई की। इस दौरान भूमि विवाद, धनराशि के लेनदेन, दाखिल-खारिज, कार्मिकों की बहाली, बकाया वेतन, विद्युत संयोजन, भरण-पोषण, निर्माण कार्य के मूल्यांकन और श्रम विभाग से आर्थिक सहायता दिलाने समेत विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई। आयुक्त ने संबंधित पक्षों को तलब कर उनकी बातें सुनीं और कई मामलों में आपसी सहमति के आधार पर समाधान कराया।
जनसुनवाई में भगवती देवी ने शिकायत की कि उन्होंने कमोला में एक प्लॉट खरीदा था और उसकी रजिस्ट्री भी हो चुकी है, लेकिन भूमि के पूर्व स्वामी द्वारा बैंक से लिए गए ऋण की किस्तें जमा नहीं किए जाने के कारण दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त दीपक रावत ने क्रेता और विक्रेता दोनों को बुलाया। जांच में सामने आया कि भूमि पर बैंक के ऋण की 2 लाख 60 हजार रुपये की धनराशि बकाया है। इस पर आयुक्त ने विक्रेता को 15 दिनों के भीतर बैंक में शेष धनराशि जमा कराने के निर्देश दिए, ताकि दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा में निर्देशों का पालन नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पंतनगर में प्लॉट खरीदने से जुड़े एक अन्य मामले में वैद्यनाथ महतो ने बताया कि उन्होंने 15 लाख 70 हजार रुपये में प्लॉट खरीदा था। समझौते के अनुसार शेष 7 लाख 50 हजार रुपये जमा करने की समयसीमा जून 2026 थी, लेकिन तय समय पर भुगतान नहीं होने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
इस मामले में आयुक्त ने क्रेता और विक्रेता कैलाश कर्नाटक को तलब कर दोनों पक्षों की बात सुनी। समझौते के आधार पर उन्होंने विक्रेता को वैद्यनाथ महतो की धनराशि वापस करने के निर्देश दिए।
ब्याज पर धनराशि देने से संबंधित शिकायत पर आयुक्त ने साहूकारी कानून के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि साहूकारी का व्यवसाय करने के लिए नियमानुसार वैध लाइसेंस लेना आवश्यक है। बिना वैध लाइसेंस के ब्याज पर कर्ज देने का व्यवसाय कानून के विरुद्ध हो सकता है। उन्होंने ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की बात कही।
विनोद कुमार निवासी ग्राम पतेलिया, खुड़लिया, कोटाबाग और संध्या से जुड़े मामले में आयुक्त ने दोनों पक्षों की बात सुनी। इसके बाद विनोद कुमार को अपनी पत्नी का सामान वापस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्देशों का पालन नहीं होने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता सविता ने वर्षों से कार्यरत श्रमिकों की बहाली और उनके पुराने बकाया वेतन का भुगतान कराने की मांग उठाई। इस पर आयुक्त ने संबंधित संस्थान में भविष्य में किसी पद पर रिक्ति होने की स्थिति में शिकायतकर्ता को प्राथमिकता देने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
भिकियासैंण, सल्ट निवासी जानकी शर्मा पत्नी प्रकाश शर्मा ने निर्माण कार्य का मूल्यांकन कराए जाने की मांग की। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य का वैल्यूएशन कराने, नियमानुसार देय धनराशि का आकलन करने और शिकायतकर्ता की शेष बची धनराशि वापस दिलाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान योगेन्द्र पाल ने धनराशि के लेनदेन, नरेंद्र सिंह ने भूमि के विनियमितीकरण और भूमिधरी अधिकार दिए जाने, जबकि रोहित कुमार ने टुक-टुक खरीदने में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत प्रस्तुत की। गौरी देवी ने भरण-पोषण दिलाने और कमला चौहान ने अपनी बेटी के विवाह के लिए श्रम विभाग से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
आयुक्त दीपक रावत ने देर शाम तक लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों में आवश्यक निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान कई शिकायतों का दोनों पक्षों की सहमति से मौके पर ही समाधान किया गया। प्रशासन की ओर से समस्याओं के त्वरित निस्तारण और शिकायतकर्ताओं को राहत दिलाने पर जोर दिया गया।

