रेखा आर्या मामले में SIT का शिकंजा तेज, मंत्री के बयान दर्ज; विवादित ऑडियो की फॉरेंसिक जांच से खुलेगा राज…

ChatGPT Image Sep 22, 2026, 11_54_14 AM
खबर शेयर करें -

 

देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े विवादित मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। जांच के तहत एसआईटी ने रेखा आर्या के बयान दर्ज किए हैं और मामले से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। अब रिकॉर्डिंग की वास्तविकता और उसकी प्रमाणिकता का पता फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट से चलेगा।

 

मामले की शुरुआत रेखा आर्या की शिकायत से हुई, जिसके आधार पर देहरादून की कैंट कोतवाली में उनके पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में रेखा आर्या ने मारपीट, मानसिक उत्पीड़न, शादी के समय तथ्यों को छिपाने, अन्य महिलाओं से संबंध रखने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रकरण में एससी/एसटी एक्ट सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।

 

इस मामले में सामने आए ऑडियो रिकॉर्डिंग को लेकर भी विवाद बना हुआ है। गिरधारी लाल साहू ने कथित तौर पर ऑडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया बताया था। ऐसे में अब फॉरेंसिक जांच को अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट से रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच में मदद मिलेगी। पुलिस साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

 

बीती 15 सितंबर को रेखा आर्या का सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह भावुक होकर अपनी पीड़ा व्यक्त करती नजर आई थीं। इसके साथ उन्होंने दो ऑडियो क्लिप भी साझा किए थे, जिन्हें कथित तौर पर उनके पति से जुड़ा बताया गया। इन रिकॉर्डिंग को लेकर उठे सवालों के बीच मामला राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया।

 

रेखा आर्या का आरोप रहा है कि शादी के समय उनसे अपने पति की पहली शादी और बच्चों से जुड़ी जानकारी छिपाई गई थी। बाद में अन्य महिलाओं से संबंधों की जानकारी मिलने पर विरोध करने के दौरान उनके साथ कथित रूप से मारपीट और अभद्रता की गई तथा उन्हें धमकियां दी गईं।

 

दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने भी वीडियो जारी कर अपनी बात रखी थी। उन्होंने रेखा आर्या को लेकर कई दावे किए और कथित तौर पर 210 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए। इन आरोपों के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई। रेखा आर्या ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए जांच कराने की बात कही थी।

 

इस घटनाक्रम के बीच रेखा आर्या की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। अस्पताल से उन्होंने संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि यदि किसी के पास प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

 

फिलहाल एसआईटी मामले से जुड़े बयानों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। ऑडियो रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक रिपोर्ट इस प्रकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही जांच की अगली दिशा स्पष्ट होगी। वहीं, इस मामले को लेकर प्रदेश की सियासत में भी चर्चाओं का दौर जारी है।

 

 

Ad Ad