ओवरलोडिंग के खिलाफ आवाज उठाने पर सामाजिक कार्यकर्ता को धमकी, तीन दिन का अल्टीमेटम, गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन…
लालकुआं में पीयूष जोशी को जान से मारने, अपहरण और रंगदारी मांगने की धमकी देने का आरोप; जनप्रतिनिधियों ने कोतवाली पहुंचकर एसएसआई दीपक बिष्ट को सौंपी तहरीर।
लालकुआं नैनीताल। क्षेत्र में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी को कथित तौर पर जान से मारने, अपहरण करने और रंगदारी मांगने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना से नाराज जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल पदाधिकारियों, छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कोतवाली लालकुआं पहुंचकर एसएसआई दीपक बिष्ट को लिखित तहरीर सौंपी। प्रतिनिधिमंडल ने नामजद आरोपी की तीन दिन के भीतर गिरफ्तारी की मांग करते हुए कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
तहरीर के मुताबिक, बीते दिनों आबादी वाले संकरे ग्रामीण मार्ग पर क्षमता से अधिक भार लेकर तेज गति से जा रहे एक डंपर को ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर रोका गया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन सीज कर दिया। आरोप है कि इसी कार्रवाई से नाराज पंकज कोरंगा ने फोन पर पीयूष जोशी के साथ गाली-गलौज की और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पीयूष जोशी की ओर से दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने सीज किए गए वाहन पर लगभग 60 से 65 हजार रुपये के जुर्माने की भरपाई उनसे जबरन वसूलने की बात कही। इसके अलावा रास्ते में मिलने पर जानलेवा हमला करने, बांधकर उठा ले जाने और उनके घर में कई वाहन घुसाकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का भी आरोप है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को कथित धमकी से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग और कॉल विवरण भी सौंपने की बात कही है।
कोतवाली में तहरीर सौंपते हुए पीयूष जोशी ने कहा कि उन्होंने जनहित और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवैध ओवरलोडिंग के मामले में पुलिस को सूचना दी थी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही कहा कि शिकायत के बावजूद यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष संदीप पांडे, कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख कमल भंडारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय रोहित दुमका, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रिंस भारद्वाज, पूर्व छात्र महासंघ उपाध्यक्ष सचिन फुलारा, पूर्व युवक मंगल दल अध्यक्ष कैलाश भट्ट, छात्र नेता हिमांशु कुनियाल, उप ग्राम प्रधान कपिल राणा और विकास गुप्ता सहित अनेक स्थानीय लोग मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को धमकाने के मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। लोगों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
जनप्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती और मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तो क्षेत्र के व्यापारिक, सामाजिक और छात्र संगठन एकजुट होकर कोतवाली तथा प्रशासनिक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
वहीं, एसएसआई दीपक बिष्ट ने प्रतिनिधिमंडल को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की तस्वीर सामने आएगी।

